हम बात कर रहे हैं, मुस्लिम समाज की उन लड़कियों की, जिन्होंने परंपरागत रूढि़यों को नजरअंदाज कर अपनी मंजिल चुनी और फिर उसे हासिल किया। हमने उनसे पूछे कुछ सवाल और जब जवाब मिले, तो संघर्ष, जद्दोजहद, हौसलाअफजाई से लेकर आगे..
जरा सोचिए! क्या खा रहे हैं आप?
जरा सोचिए! सड़क किनारे मिल रहा लुभाता, मुंह में पानी लाता भोजन कहीं आपका ही भोजन तो नहीं कर रहा।नालियां, कूड़े-कचरे के बीच आपको कई प्रकार के संक्रमणों का उपहार भी मिल रहा है। आगे..
विश्वदाय स्मारकों के शहर ताज नगरी में एक ऐतिहासिक, नायाब और बेशकीमती धरोहर को सहेजने का अंदाज अजब है। इसे साफ कर हर तीन माह में कालिख पोत दी जाती है। आगे..
प्लास्टिक अब औद्योगिक कचरा नहीं रहेगा। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि धरती के पर्यावरण के अनुकूल पौधों से प्लास्टिक बनाने में उन्होंने कामयाबी हासिल कर ली है। आगे..









