धारचूला, जागरण कार्यालय : बीते बरसात के दिनों जुलाई माह में बंद गर्बा-जिप्ती मार्ग सात माह बाद भी नहीं खुला है। मार्ग बंद रहने से आधा दर्जन से अधिक गांवों के 550 परिवार प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने 25 जनवरी तक मार्ग नहीं खुलने पर मतदान के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
धारचूला-गर्बाधार सड़क से गर्बा नामक स्थान से जिप्ती के लिए मोटर मार्ग बना हुआ है। इस मार्ग का संचालन ग्रिफ द्वारा किया जाता है। लगभग 6 किमी लंबे इस मार्ग से गाला, जिप्ती, छोटी, बड़ी पांगला, जयकोट, सिमखोला, बुंगबुग, तांकुल, कुंचासोंग, अख्तो, बसनखोला जैसे गांव लाभान्वित होते हैं। सात माह से मार्ग बंद होने से इन गांवों में रहने वाले 550 परिवार प्रभावित हैं।
मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों को 6 से लेकर दस किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है, या फिर नारायण आश्रम जाकर वाहन पकड़ने पड़ रहे हैं। पहले से ही आपदा झेल रहे इस क्षेत्र की जनता को बड़ी मुश्किल से एक सड़क मिली वह भी वर्ष भर में अधिकांश समय बंद रहती है। इस बार तो सात माह से बंद सड़क को खोलने के लिए ग्रिफ द्वारा अभी तक प्रयास तक नहीं किया गया है। इधर चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशियों को इन गांवों तक पहुंचने के लिए पापड़े बेलने पड़ रहे हैं। वहीं चुनावों को देखते हुए क्षेत्रीय जनता ने भी मार्ग नहीं खुलने पर मतदान के बहिष्कार का एलान कर दिया है।
ग्रामीणों की इस चेतावनी पर भाकपा माले प्रत्याशी जगत मर्तोलिया ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेज कर 25 जनवरी तक मार्ग खुलवाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में डीएम से ग्रिफ को मार्ग खोलने के लिए अविलंब निर्देश दिए जाने की मांग की है।