अल्मोड़ा, जाका : 21वीं शताब्दी को भारत की शताब्दी बनाकर दिखाएंगे। यह बात भाजपा के शीर्ष नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कही। आडवाणी रैमजे इण्टर कालेज के प्रांगण में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस स्वराज के लिए अनगिनत युवाओं ने अपनी शहादत दी उससे स्वराज तो आया लेकिन सुराज नहीं बन सका। अपने सधे हुए अंदाज में आडवाणी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने आप में अकेली ऐसी पार्टी है जो अपनी चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार एक-एक घोषणा पर अमल करती है।
उत्तराखण्ड, छत्तीसगढ़ व झारखंड के राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने कहा था कि वह सत्ता में आई तो 3 राज्यों का निर्माण करेगी। सत्ता में आते ही 3 राज्यों को अस्तित्व में लाने का काम किया। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी द्वारा पारित लोकायुक्त बिल को भारत का भ्रष्टाचार के खिलाफ पहला सशक्त लोकायुक्त बिल बताया। उन्होंने कहा कि इस बिल से उत्तराखण्ड का दुनिया भर में नाम हुआ है। केंद्र की कांग्रेस सरकार ने इससे सीख लेनी चाहिए थी, नहीं ली। यही कारण है कि
भ्रष्टाचार के कारण कांग्रेस के मंत्री जेल में बंद हैं। उन्हें प्रधानमंत्री या सरकार ने नहीं बल्कि अदालतों ने जेल भेजा है।
अटल बिहारी वाजपेयी के शासन का जिक्र करना आडवाणी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए राजधानी से जोड़ा गया। इसका दायित्व भुवन चंद्र खंडूड़ी को दिया गया। जिसे उन्होंने बखुबी अंजाम दिया।
उत्तराखण्ड से गहरा लगाव बताते हुए उन्होंने कहा कि जब भी वह उत्तराखण्ड आते हैं तो मन आनंद से भर जाता है। 1996 का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी वह रघुनाथ सिंह चौहान के चुनाव प्रचार में आए थे। तब वह विजयी हुए थे। 2012 में फिर वह रघुनाथ सिंह चौहान के पक्ष में अल्मोड़ा आए हैं। इस बार भी उन्हें विजयीश्री हासिल होगी।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का भी जिक्र आडवाणी ने किया। कहा कि भ्रष्टाचार की बात उन्होंने कही थी, कि एक रुपया जो भेजा जाता है वह पहुचंते-पहुंचते 15 पैसा रह जाता है। 1952 से लेकर 2009 तक के लोकसभा व सभी विधानसभा चुनावों को देखने की बात करते हुए कहा कि नेहरु से लेकर मनमोहन सिंह तक की सरकारें देख चुकें हैं। इन सब के बाद जो बात सामने आती है वह यह कि हिन्दुस्तान में भाजपा के मुकाबले दूसरी ईमानदार पार्टी नहीं है। सभा को भाजपा प्रत्याशी रघुनाथ सिंह चौहान, ललित लटवाल, गोविंद पिलख्वाल, विनीत बिष्ट, धरमेंद्र बिष्ट, राजेश आर्या, चंदन लाल टम्टा, डॉ. गोपाल सिंह नयाल, रमेश बहुगुणा, अनूप साह, रवि रौतेला, रवींद्र पंत ने संबोधित किया। अध्यक्षता आनंद पांडे व संचालन अजीत कार्की, ललित लटवाल व रवींद्र पंत ने संयुक्त रूप से किया।