मंदी के मारों को राहत का मलहम 07 Jul 09, 4:00 pm
सरकार ने अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का प्रयास जारी रखने का वायदा करते हुए कहा कि उसने वित्त वर्ष 2009-10 में वैश्विक मंदी से निपटने के लिए 1,86,000 करोड़ रुपये दिए। ...

खाद्य सुरक्षा के लिए करना होगा थोड़ा इंतजार 06 Jul 09, 11:15 pm

दादा का बजट सुधारों में कमजोर 06 Jul 09, 11:15 pm

खेल के लिए तीन हजार करोड़ 06 Jul 09, 11:15 pm

सौ खरब का तिलिस्म 06 Jul 09, 10:40 pm
अगले साल ममता को धन्यवाद देंगे प्रणब दा 07 Jul 09, 4:00 pm
मुश्किल वक्त में अपने ही तो काम आते हैं। प्रणब दादा का खजाना मुश्किल में है तो उनकी हमवतन ममता दीदी ही उनकी बड़ी मदद करेंगी। प्रणब दा ने बहुत सफाई के साथ विशालकाय रेल परिवहन क्षेत्र पर चुपचाप दस फीसदी का सेवा कर चिपका दिया है। अगर ममता दीदी न भड़कीं तो यह एक कदम खासा मोटा राजस्व ले आएगा। ..इसे कहते हैं मास्टर स्ट्रोक। ..लेकिन यह अकेला नहीं है, मैट की दर में बढ़ोतरी भी वित्त मंत्री के लिए बड़े काम की साबित होगी और साथ ही सेवा कर नियमों में किए गए कुछ छोटे बदलाव भी मोटा राजस्व ला सकते हैं। ...
कुछ उम्मीद तो बंधाते प्रणब दा 06 Jul 09, 9:05 pm
अब उद्योग जगत को भी वास्तविकता स्वीकार करनी होगी। टैक्स के मामले में राहत की बहुत ज्यादा उम्मीद बांधना अर्थव्यवस्था के इन हालात में उचित नहीं है। पिछले साल की मंदी के बाद कर राजस्व के मोर्चे पर जो स्थितियां बनी थीं, उनमें वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के झोले से इससे ज्यादा निकलना शायद मुमकिन नहीं था। हां, वित्त मंत्री चाहते तो उद्योगों को भविष्य के लिए एक ठोस दिशानिर्देश दे सकते थे। ...
दूसरी मंजिल के लिए सीढ़ी किधर है दीदी! 04 Jul 09, 6:35 pm
अरे!!!! ममता दीदी की इस डबल डेकर ट्रेन में तो दूसरी मंजिल पर जाने का रास्ता ही नहीं है। दीदी ने रेलवे के लिए दूसरी मंजिल तो खूब बनाई, लेकिन वहां जाने की सीढ़ी बनाना भूल गई। बजटट्रेन पुरानी और घिसी-पिटी नहीं है। इसमें रेलवे की कई अगली मंजिलों का नक्शा झलक जाता है लेकिन अफसोस कि उनके नीचे संसाधनों की बुनियाद नहीं है। ..और ममता दीदी, ट्रेन के हवा में उड़ने की तकनीक अभी ईजाद नहीं हुई है। ...
राजकोषीय घाटे की चिंता में बैठ गया बाजार 06 Jul 09, 6:25 pm
आम बजट पर पूंजी बाजार की प्रतिक्रिया खासी निराशाजनक रही। राजकोषीय घाटे के 14 साल में सर्वाधिक रहने के अनुमान ने निवेशकों की बजटीय उम्मीदों पर पानी फेर दिया और चौतरफा बिकवाली से बीएसई का सेंसेक्स 869 अंक लुढ़क गया। रही सही कसर यूरोपीय बाजारों में आई गिरावट ने पूरी कर दी। सेंसेक्स के इतिहास में बजट के दिन की यह सबसे बड़ी गिरावट है। ...
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