06 Jul 09, 11:15 pm
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। खाद्य सुरक्षा का सरकारी वादा तो बरकरार है, लेकिन थोड़ा इंतजार करना होगा। फिलहाल विधेयक पर चर्चा होगी, जरूरी हुआ तो संशोधन होगा और फिर उस पर संसद की मुहर लगेगी। उसके बाद मिलेगी आपको खाद्य सुरक्षा।
पिछले दिनों में मानसून को लेकर उभरी आशंका से सरकार ने बादल हटा दिए हैं। सोमवार को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। विधेयक को जल्द ही इंटरनेट पर डाला जाएगा ताकि उस पर व्यापक चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि इसके तहत गांव और शहर में रह रहे बीपीएल परिवारों को प्रति माह तीन रुपये किलो की दर से 25 किलो चावल या गेहूं मुहैया कराया जाएगा।