धड़ाम से गिरी धूम धड़ाका

धड़ाम से गिरी धूम धड़ाका

वक्त आ गया है कि हिंदी फिल्मों के निर्माता-निर्देशक रिलीज के पहले अपनी कॉमेडी फिल्मों की परख कर लें। पिछले हफ्ते रिलीज हुई डॉन मुत्थुस्वामी और धूम धड़ाका से सीखने की जरूरत है। दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम से गिरीं।

डॉन मुत्थुस्वामी में मिथुन चक्रवर्ती और धूम धड़ाका में अनुपम खेर थे। दोनों ने मेहनत भी की थी, पर जैसे अकेला चना भांड़ नहीं फोड़ सकता ़ ़ ़ वैसे ही अकेला एक्टर फिल्म नहीं चला सकता। फिल्म के चलने में कई ताकतों का मजबूत हाथ होता है। डॉन मुत्थुस्वामी और धूम धड़ाका नकल में खो रही अकल के नमूने हैं। फिल्मों की क्वालिटी के अनुपात में ही उन्हें दर्शक मिले। दोनों फिल्मों के कलेक्शन दस से पंद्रह प्रतिशत ही रहे। मुंबई में दर्शकों के अभाव की वजह से पहले ही दिन धूम धड़ाका के कुछ शो रद्द करने पड़े।

घटोत्कच ने भी निराश किया। उम्मीद थी कि छुट्टी के दिनों में बच्चों को केंद्रित कर बनायी गयी यह फिल्म ठीक चलेगी, लेकिन बच्चों ने घटोत्कच में रुचि नहीं दिखाई। पहले दिन जो कुछ बच्चे देखने गए, उन्होंने अपने दोस्तों से फिल्म देखने की सिफारिश नहीं की। एनीमेशन का नाम देकर बच्चों को झांसा नहीं दिया जा सकता। पुरानी फिल्मों में जन्नत और भूतनाथ औसत कारोबार कर रही है। इस हफ्ते अनुपम खेर और किरण खेर के बेटे सिकंदर खेर की पहली फिल्म वुडस्टॉक विला रिलीज हो रही है। इसके साथ ही राजपाल यादव की तिहरी भूमिका की फिल्म हंसते-हंसते भी आ रही है।

-अजय ब्रह्मात्मज

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