धन के लिए किया था बॉलीवुड का रुख: आशा

धन के लिए किया था बॉलीवुड का रुख: आशा

नई दिल्ली। छह दशक के सफल कॅरियर के बाद बॉलीवुड की वरिष्ठ पा‌र्श्व गायिका आशा भोंसले ने कहा है कि वह शास्त्रीय गायिका बनना चाहती थी, लेकिन उन्होंने फिल्म उद्योग का रुख किया क्योंकि वहां अधिक धन अर्जित किया जा सकता था। आशा ने कहा, उस वक्त जब मैंने अपने गुरू जी से पूछा कि धन कमाने के लिए क्या करना चाहिए तो उन्होंने कहा कि लाइव संगीत की तरफ जाना चाहिए। मैंने धन के लिए फिल्मों में गाना शुरू कर दिया क्योंकि मुझे बच्चे पालने थे। इसके कारण शास्त्रीय संगीत पीछे छूट गया।

राजधानी में 100 पाइपर्स प्योर म्यूजिक द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम ए लाइफ इन मेलोडी: ए 100 मिनट ट्रिब्यूट टू विलायत खान का उद्घाटन करते हुए उन्होंने उस्ताद विलायत खान के साथ अपने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा, मैं उस वक्त को याद करती हूं, जब कलाकार बिना पैसा लिए कार्यक्रम देने के लिए आ जाते थे। मैंने उस वक्त उस्ताद विलायत खान को सुना था। प्रसिद्ध सितार वादक उस्ताद विलायत खान द्वारा संगीतबद्ध 1976 की फिल्म कादंबरी में गीत गाने वाली आशा भोंसले ने कहा, कुछ संगीतकार ऐसे थे, जो कार्यक्रम देने के पहले तैयारी करते थे, जबकि कुछ संगीतकार अचानक कार्यक्रम देते थे। उस्ताद विलायत खान दोनों तरह के संगीतकार थे।

गौरतलब है कि 76 वर्षीय गायिका का एलबम प्रिसियस प्लेटिनम को हाल ही में दुनिया के 100 बेहतरीन म्यूजिक एलबम में शुमार किया गया है। उन्होंने कहा कि जब मैंने गाना शुरू किया था तब और आज के संगीत के परिदृश्य में काफी बदलाव आ गया है। आशा भोसले ने कहा, मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे उस्ताद अली अकबर खान, उस्ताद विलायत खान, पंडित रविशंकर और शिव हरि :पंडित शिवकुमार शर्मा और पंडित हरि प्रसाद चौरसिया जैसे बड़े संगीतकारों के साथ काम करने का मौका मिला।

लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(0) वोट का औसत

average:0
Saving...
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित