
नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रतिभाशाली गायकों में से एक सोनू निगम के गाने इन दिनों मुश्किल से ही सुनने को मिलते हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने अपना काम सीमित कर दिया है क्योंकि वह घटिया गाने गाना नहीं चाहते।
एक साक्षात्कार के दौरान सोनू ने कहा, मेरे कम गाने के पीछे दो-तीन कारण हैं। पहला-जिन गानों का प्रस्ताव मेरे पास आता है उनमें से ज्यादातर मुझे मुतासिर नहीं करते। ऐसा इसलिए है कि संगीतकारों ने खुद गाना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा, संगीतकार ज्यादातर ऐसी धुनें तैयार कर रहे हैं जो उनकी आवाज के माफिक हों। यह पूरा व्यापार है। मैं उनके खिलाफ नहीं हूं क्योंकि सभी को अपने हित सुरक्षित करने का अधिकार है।
संगीतकारों को समझ आ गया है कि संगीत के कार्यक्रमों में खूब पैसा है। इसलिए वे ऐसे गीत बना रहे हैं जिन्हें वे गा सकें। संगीतकार खराब गाने मुझे देते हैं और अच्छे गीत खुद के लिए रख लेते हैं। सूरज हुआ मद्धम, साथिया और कल हो ना हो जैसे कई प्रसिद्ध गीत दे चुके गायक का कहना है कि वह अच्छे संगीत की कमी महसूस कर रहे हैं।
सोनू ने कहा, मैं आज अच्छे संगीत की पूरी तरह कमी महसूस कर रहा हूं। पिछले तीन-चार बरस में शायद ही कोई अच्छा गीत आया हो। अब जो गाने अच्छे मालूम होते हैं वे दो-तीन महीने बाद ही गायब हो जाते हैं। सुनने वाले इन्हें लंबे समय तक पसंद नहीं करते। फिल्मोद्योग में पिछले 17 वर्षो से काम कर रहे 36 वर्षीय गायक का कहना कि वह अब खुद को कुछ समय के लिए विराम देना चाहते हैं।
हाल ही में 92.7 बिग एफएम के ब्रांड एम्बेस्डर बने सोनू ने बताया, ऐसे भी दिन थे जब मैंने एक ही दिन में 11 गाने रिकॉर्ड किए थे। मैं एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो दौड़ता रहता था इस दौरान मैंने स्वयं को खो दिया था। आज मैं अपने काम में गुणवत्ता चाहता हूं। सोनू ने हाल ही में फिल्म ब्लू के छिगी-विगी गीत को स्वर दिए हैं।