मुझे पता है कि रात में जॉन मेरे पास ही आएगा: बिपाशा बसु

मुझे पता है कि रात में जॉन मेरे पास ही आएगा: बिपाशा बसु

- सौम्या अपराजिता

जन्मदिन, 5 मई पर विशेष.. बिपाशा की डायरी के दो पन्ने

बिपाशा बसु ने हमेशा ही जॉन के साथ अपने संबंधों को गंभीरता से लिया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि तमाम अनुमानों और अफवाहों के बाद भी उनका और जॉन का साथ बना हुआ है। बिपाशा बसु और जॉन अब्राहम हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की अकेली ऐसी जोड़ी है, जिसने अपने रिश्तों को कभी भी छुपाया ही नहीं है। उनके रिश्तों में तमाम अड़चनें पैदा करने की कोशिश की गई, पर एक-दूसरे के प्रति उनका समर्पण हमेशा ही इन कोशिशों पर हावी रहा। बिपाशा के जन्मदिन के मौके पर पेश है उनकी निजी डायरी के दोपन्ने-

मैंने जानबूझ कर अपने और जॉन के संबंधों पर लगाए जा रहे अनुमानों को तरजीह नहीं दी है। इस विषय पर कई अपमानजनक, बेकार और हास्यास्पद सुझावों के बाद भी मैं कुछ भी कमेंट करने से बचती रही हूं। यदि मीडिया की मानें, तो औरतों के बारे में जॉन की पसंद बदलती रहती है, इसलिए वह हर उस औरत के पीछे भागता है, जो मीडिया के अनुसार, उसके लायक है। यदि मेरे और जॉन के रिश्ते के बीच की अनुमानित असुरक्षा का आधा हिस्सा भी सच होता, तो फिर मैं दुखी होती, लेकिन मैं यह जानती हूं कि हमारा लगातार साथ अखबारों के लिए फायदेमंद नहीं है, जितना हमारे बीच की काल्पनिक दूरियां।

मुझे ऐसा लगता है कि सेलिब्रिटी के बीच के रिश्तों को देखने का नजरिया ही अलग होता है और शायद ही यह नजरिया बदले? मैं यह महसूस करती हूं कि मुझे कुछ बातें साफ कर देनी चाहिए। जॉन मेरा बिजनेस पार्टनर नहीं है। हम विज्ञापनदाताओं की सुविधा के लिए साथ नहीं रहते। हम कपल हैं और यही कारण है कि वे हमें अपने प्रोडक्टस बेचने के लिए कहते हैं- एक साथी की तरह। जॉन काफी फोकस्ड है। मैं जानती हूं कि जॉन अपने काम को लेकर कितना सीरियस है और यही कारण है कि वह अपनी बहुत कम ऊर्जा छोटे-छोटे रिश्तों का पीछा करने में खर्च करता है, क्योंकि जब वह काम कर रहा होता है, तो मैं उसे बहुत कम कॉल करती हूं। मैं हमेशा फोन से चिपकी रहने वाली स्त्री नहीं हूं। जॉन ही ज्यादा फोन करता है और अगर जब वह फोन नहीं करता है, तो मैं समझ जाती हूं कि वह काम कर रहा है। जॉन की रुचि किसी भी चीज को लेकर अस्थायी नहीं होती है, चाहे वह उसकी बाइक हो या उसके रिश्ते। या तो वह किसी चीज की पूरी इच्छा रखता है या फिर नहीं रखता है। इसलिए लेडिज, मैं अखबारों में सुबह कुछ भी पढ़ूं, मुझे पता है कि रात में वह मेरे पास ही आएगा।

मेरे बेडरूम में भूत

मैं डरावनी फिल्में नहीं देख सकती हूं। यह सच में आश्चर्यजनक है कि जो लड़की इतनी सारी डरावनी और साइको थ्रिलर फिल्मों में काम कर चुकी हो, उसे डरावनी फिल्मों से डर लगता है, लेकिन यह सच है, क्योंकि मैं अंधेरे में सो ही नहीं सकती हूं। मैं शुरू से ही अपनी बहन के साथ सोती आई हूं। मैं यह जानना चाहती हूं कि वह कौन है, जो हम तक पहुंचना चाहता है। पर अब मेरे पास अच्छे विकल्प हैं, मेरे प्रेमी, मेरे डॉग और कभी-कभी मेरे घर की रखवाली करने वाले आदमी के रूप में वह व्यक्ति, जो कभी-कभी मेरे बेड रूम के सोफे को इधर-उधर करता रहता है। यह सब कोई मायने नहीं रखता है, डरावनी फिल्मों से जुड़े मेरे डर को लेकर। मैं वैसी फिल्मों को देखकर भी डरती हूं, जिसमें मैंने अभिनय किया हो। मुझे पता होता है कि आगे क्या होने वाला है, आगे भूत क्या करने वाला है, फिर भी मुझे डर लगता है। मैं आंखें बंद कर बगल में बैठे व्यक्ति से पूछती हूं क्या हो रहा है? तेज आवाजें मुझे चौंकाती हैं। जब मैं ऐसी फिल्में देखती हूं, तो सोचती हूं कि भगवान ने मुझे केवल दो हाथ क्यों दिए हैं! इनसे मैं दोनों आंख और कान कैसे बंद कर सकती हूं! मैंने तीन डरावनी फिल्में की हैं और मेरी इच्छा है कि मैं उन सबको पूरा देख सकूं, बिना किसी डर के।

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