Yahoo Jagran Jagran Yahoo!

रिअल लव में हिट स्क्रीन लव में फ्लॉप

May 16, 11:00 am
  Print

जब निजी जीवन में प्रेम-रस में डूबे दो प्यार के पंछी एक फिल्म में दर्शकों के समक्ष अपने प्यार का ऐलान करते हैं, तो अक्सर ऐसा होता है कि दर्शकों की स्वीकृति उन्हें नहीं मिलती है। इसे यूं कह सकते हैं कि ऑफ स्क्रीन जोडि़यां सामान्यत: ऑन स्क्रीन सफलता से वंचित ही रह जाती हैं। दरअसल, मीडिया की सक्रियता के कारण वास्तविक प्रेमी युगलों के प्रेम-प्रसंग को पूर्व में ही इतनी सुर्खियां मिल जाती हैं कि उन्हें साथ-साथ एक ही फिल्म में देखने का उत्साह दर्शकों में नहीं रहता। वैसे तो हमारी फिल्में प्रेम और स्नेह के समंदर में गोते लगाती रहती हैं, लेकिन जब बात हमारे नायक-नायिकाओं के वास्तविक प्रेम की होती है, तो दर्शक प्राय: उन्हें अस्वीकार कर ही देते हैं। हालांकि कुछ प्रेमी युगल जरूर अपवाद हैं, जिनके निजी जीवन के प्रेम को दर्शकों ने न केवल स्वीकार किया, बल्कि उन्हें अपने सिर-आंखों पर भी बिठाया। राजकपूर-नरगिस, दिलीप कुमार-मधुबाला, अमिताभ बच्चन-रेखा, धर्मेद्र-हेमा मालिनी सरीखे प्रेमी युगलों को बॉक्स ऑफिस पर भी उतनी ही सफलता नसीब हुई, जितना गहरा उनका प्रेम था। दरअसल, बीते दिनों के इन मशहूर प्रेमी जोड़ों का प्रेम इतना मुखर नहीं होता था। इसी कारण उन्हें साथ-साथ देखने की दर्शकों की उत्सुकता भी बनी रहती थी। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की अनुपलब्धि भी एक कारण था। दरअसल, दर्शकों को यह पता था कि अगर अपने प्रिय अभिनेता को उनकी वास्तविक प्रेमिका के साथ देखना है, तो सिनेमाघर जाना ही पड़ेगा। इसी कारण राजकपूर और नरगिस की मूक प्रेम कहानी हो या दिलीप कुमार-मधुबाला का हसीन प्यार या फिर धर्मेद्र और हेमा मालिनी का रोमांस। इनके प्रति दर्शकों की उत्सुकता बनी रहती थी और यही वजह है कि इन प्रेमी युगलों की फिल्में भी प्राय: बॉक्स ऑफिस पर सफलता प्राप्त करती थीं, लेकिन ऐसा आजकल नहीं दिखता, क्योंकि दर्शक अब समझदार हो गए हैं या यूं कहें कि संचार-क्रांति ने उन्हें समझदार बना दिया है। दरअसल, होता यह है कि दर्शक जब सिनेमाघरों में जाते हैं, तो उनका सारा ध्यान फिल्म-विशेष के कथ्य पर ही रहता है, न कि नायक-नायिका के आपसी संबंधों पर! शायद वे यह नहीं चाहते कि जिनके प्रेम-प्रसंग सुनकर और देखकर वे बोर हो चुके हैं, उन्हें ही दोबारा साथ-साथ देखने के लिए सिनेमाघरों में जाएं। यही वजह है कि जॉन-बिपाशा और सैफ-करीना की हॉट जोडि़यां भी बॉक्स ऑफिस पर सफलता की गारंटी नहीं बन पातीं। एक नजर ऐसी ही जोडि़यों पर, जिनके निजी जीवन का प्रेम तो सफल है, लेकिन पर्दे का प्यार असफल!

अजय-काजोल: काजोल और शाहरुख खान को साथ-साथ देखने का आकर्षण आज भी दर्शकों को सिनेमाघर तक खींच लाता है, लेकिन अजय-काजोल के साथ ऐसा नहीं है। हालांकि दोनों एक-दूसरे के साथ जीवन की मजबूत डोर में बंध चुके हैं, लेकिन दर्शकों के लिए यह बात कोई मायने नहीं रखती। वे केवल उन्हीं नायक-नायिकाओं को साथ-साथ देखना चाहते हैं, जो रुपहले पर्दे पर अच्छे लगते हैं और जिन्हें सितारों की निजी जिंदगी से लेना-देना नहीं होता है।

अजय-काजोल की हालिया रिलीज फिल्म यू मी और हम का सबसे बड़ा आकर्षण उनका निजी जीवन का प्रेम था, लेकिन दर्शकों ने उसे पर्दे पर अस्वीकार कर दिया। अजय-काजोल की पिछली फिल्मों पर नजर डालें, तो प्यार तो होना ही था को ही सफलता मिली थी। हालांकि इश्क भी सफल रही, लेकिन सच तो यह है कि इस फिल्म में आमिर-जूही की ऑन स्क्रीन जोड़ी अजय-काजोल की ऑफ स्क्रीन जोड़ी पर हावी रही और यही वजह है कि अजय-काजोल की जोड़ी को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई।

जॉन-बिपाशा: इन दोनों की पहली फिल्म जिस्म जरूर सफल रही, लेकिन उस दौरान बिपाशा और जॉन एक-दूसरे के साथ किसी रिश्ते में बंधे नहीं थे, बल्कि उन दिनों बिपाशा पूर्व प्रेमी डिनो मोरिया के साथ व्यस्त थीं। बतौर प्रेमी युगल उनकी साथ-साथ पहली फिल्म मदहोशी थी, जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल साबित हुई। एक सच यह भी है कि इस समर्पित प्रेमी युगल ने आज तक बॉक्स ऑफिस पर सफलता का स्वाद ही नहीं चखा है। ऐतबार और गोल में भी जॉन-बिपाशा के प्रेम का जादू नहीं चल पाया। निजी जीवन में इनका प्रेम काफी गहरा जरूर है, लेकिन दर्शकों को वे अपने साथ प्रेम-रस में आज तक भिगो नहीं पाए हैं।

विवेक ओबेराय-ऐश्वर्या राय : सलमान खान से संबंध खराब होने के बाद ऐश्वर्या राय की विवेक ओबेराय के साथ न केवल दोस्ती हुई, बल्कि दोनों के प्रेम के किस्से भी मशहूर हुए। विवेक ऐश के प्यार में इतने डूब गए कि उन्होंने अपने मित्र सलमान से भी दुश्मनी मोल ले ली। विवेक और ऐश ने दर्शकों को अपने प्रेम-प्रसंग से वाकिफ कराने के लिए फिल्म क्यों हो गया ना में साथ-साथ अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराई, लेकिन दर्शकों को उनका ऑन-स्क्रीन प्यार रास नहीं आया और यह जोड़ी भी बॉक्स ऑफिस पर फिसड्डी ही साबित हुई।

अभिषेक बच्चन-करिश्मा कपूर : कपूर खानदान की बिटिया करिश्मा से अभिषेक का प्रेम-प्रसंग कई उतार-चढ़ाव से गुजरता हुआ सगाई के पारंपरिक रस्म तक पहुंच गया था, लेकिन उनके प्रेम को अंतत: विवाह की मंजिल नहीं मिल पाई। जब अभिषेक और करिश्मा के प्रेम के चर्चे खूब हो रहे थे, तभी दोनों ने एक फिल्म में ऐलान भी किया, हां मैंने भी प्यार किया है, लेकिन दर्शकों को दोनों की यह फिल्म पसंद नहीं आई!

शाहिद-करीना कपूर : इन दोनों की युवा जोड़ी ने एक साथ कई फिल्में जरूर कीं, लेकिन इस जोड़ी को बॉक्स ऑफिस पर सफलता तब मिली, जब उन्होंने अपने प्रेम-संबंध की इति की घोषणा कर दी। आश्चर्य की बात तो यह है कि जब वी मेट में पहली बार साथ-साथ सफलता का स्वाद चखने वाली इस जोड़ी ने पहले भी कई फिल्में साथ-साथ कीं, लेकिन वे फिल्में दर्शकों की कसौटी पर खरी नहीं उतर पाई। फिदा, चुप चुपके, 36 चाइना टाउन में करीना-शाहिद ने साथ-साथ काम किया, लेकिन ये सभी फिल्में असफल हुई और दोनों सफल जोडि़यों में खुद को शामिल नहीं कर पाए।

सैफ अली खान-करीना: फिल्म टशन में सैफ और करीना की जोड़ी भी ऐसे प्रेमी युगलों की श्रृंखला की ताजा कड़ी है, जो ऑफ स्क्रीन जरूर हिट है, लेकिन ऑन स्क्रीन फ्लॉप। पार्टियों में हाथों में हाथ डाले इन दो प्रेमी युगलों की तस्वीरें और एक-दूसरे से प्रेम का इजहार करते इनके बयानों के कारण दर्शकों में उन्हें साथ-साथ देखने की उत्सुकता जाती रही। परिणाम यह हुआ कि बहुचर्चित फिल्म टशन बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। वैसे, टशन की असफलता ने यह जरूर साबित कर दिया है कि नायक-नायिका के वास्तविक प्रेम को ही फिल्म की सफलता का आधार नहीं माना जा सकता! कुल मिलाकर दर्शक भी यह जान गए हैं कि फिल्मी दुनिया के आधुनिक प्रेमी युगलों के प्यार के स्थायित्व पर भरोसा करना सही नहीं है! बनते-बिगड़ते रिश्तों की इस फिल्मी दुनिया की चमक-दमक में दर्शक अब खोना नहीं चाहते। वे बस अपनी रोजमर्रा की चिंताओं से मुक्त होकर मनोरंजन की तलाश में सिनेमाघरों का रुख करते हैं।

-सौम्या अपराजिता

  • निजता नीति
  • सेवा की शर्तें
  • आपके सुझाव
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2008 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित
कॉपीराइट / IP नीति