
इस वक्तहिंदी फिल्म इंडस्ट्री की व्यस्त हीरोइनों में से एक हैं प्रियंका चोपड़ा। इस वर्ष उनकी तीन फिल्में लव स्टोरी 2050, गॉड तूसी ग्रेट हो और चमकू रिलीज हो चुकी हैं। अब इस हफ्ते द्रोण रिलीज हो रही है और उसके बाद फैशन और दोस्ताना आएगी। पिछली तीनों फिल्म ने अच्छा बिजनेस नहीं किया, लेकिन उससे प्रियंका के करियर को कोई झटका नहीं लगा। गौरतलब है कि उन्होंने इस साल विशाल भारद्वाज की कमीने और आशुतोष गोवारीकर की ह्वाट्स योर राशि साइन की है। इनमें से पहली फिल्म कमीने की शूटिंग आरंभ हो चुकी है। इसमें उनके हीरो हैं शाहिद कपूर, तो ह्वाट्स योर राशि में वे एक बार फिर हरमन बवेजा के साथ वे काम करेंगी। वैसे, फिलहाल प्रियंका का ध्यान द्रोण पर लगा हुआ है। दरअसल, यह उनकी पहली ऐसी फिल्म है, जिसमें ग्लैमर के साथ जोरदार ऐक्शन भी है। वे बताती हैं, इस फिल्म के स्टंट सीन के लिए मैंने गटका चलाने की ट्रेनिंग ली। यह एक वजनदार हथियार है, जिसे कंधे और कलाई के जोर से चलाया जाता है। इसका मूवमेंट इतना तेज होता है कि दुश्मन आपको वेध नहीं सकता और आप उसके ऊपर जल्दी हावी हो सकते हैं। शुरू में मुझे लगा था कि शायद नहीं सीख पाऊंगी, लेकिन जब मैंने बारह साल के एक बच्चे को गटका की बाजीगरी करते देखा, तो लगा कि मैं भी कर सकती हूं! उल्लेखनीय है कि गटका चलाने की ट्रेनिंग के साथ प्रियंका को इस फिल्म में भारी परिधान भी पहनने पड़े हैं। उनकी पगड़ी खास स्टाइल की है। वेशभूषा और परिधान के बारे में वे कहती हैं, मैं इसमें वैसे तो आज की लड़की सोनिया का किरदार निभा रही हूं, लेकिन जब मेरे ऊपर द्रोण की रक्षा की जिम्मेदारी आती है, तब उसके अनुसार वेश धारण करना पड़ता है। गोल्डी बहल ने अनीता श्रॉफ-अदजानिया की मदद से मेरे लिए खास कॉस्ट्यूम बनवाया। इस कॉस्ट्यूम में एक अलग ग्रेस है और लुक से ऐसा लगता है कि सोनिया द्रोण की रक्षा कर सकती है।
अपने किरदार के बारे में प्रियंका बताती हैं, जैसे पीढि़यों से द्रोण के ऊपर अमृत की रक्षा की जिम्मेदारी है, वैसे ही मेरे परिवार पर द्रोण की रक्षा की जिम्मेदारी है। चूंकि मैं परिवार में अकेली हूं और मेरा कोई भाई नहीं है, इसलिए मैं यह जिम्मेदारी अपने कंधे पर लेती हूं। इसका मतलब यह हुआ कि आपका रोल द्रोण से भी बड़ा है फिल्म में? क्योंकि उसे अमृत की रक्षा करनी है और आपको द्रोण की। वह सुरक्षित रहेगा तभी तो अमृत की रक्षा होगी? इस बारे में प्रियंका कहती हैं, आप मुझसे कुछ और बुलवाने की कोशिश न करें। फिल्म का हीरो द्रोण है और उसे दुनिया के लिए अमृत की रक्षा करनी है। मुझे तो सिर्फ द्रोण की रक्षा करनी है। वे बात बदलती हैं, इस फिल्म का ऐक्शन और स्पेशल इफेक्ट्स खास आकर्षण हैं। मैंने और अभिषेक ने पहले कभी ऐसा रोल नहीं निभाया। फिल्म का रंग, लुक और प्रेजेंटेशन एकदम नया है। मुझे खुशी है कि फिल्म में हीरोइन के चैलेंजिंग रोल के लिए मुझे चुना गया।
अगर प्रियंका फिल्म में अभिषेक यानी द्रोण की रक्षा करती हैं, तो वे उनकी बॉडीगार्ड हैं। फिर इन दोनों के बीच प्रेम कैसे हुआ होगा? हिंदी फिल्मों की हीरो-हीरोइन में प्रेम होना तो लाजिमी है? प्रियंका हिंदी फिल्मों में प्रेम की अहमियत स्वीकार करती हैं और द्रोण के संदर्भ में कहती हैं, इसमें प्रेम का चित्रण अलग अंदाज में है। लंबे समय तक साथ रहने से एक-दूसरे से लगाव होना स्वाभाविक है। सोनिया आदित्य के प्रति प्रेम का अनुभव करती है। आदित्य को भी प्रेम का अहसास होता है, लेकिन दूसरी फिल्मों की तरह हम अगले दृश्य में गाने नहीं गुनगुनाने लगते। प्रेम दिखाने के लिए अलग किस्म के दृश्य रखे गए हैं फिल्म में।
पिछली फिल्मों के बारे में पूछने पर प्रियंका स्पष्ट कहती हैं, विजयिता फिल्म्स की फिल्म के लिए मैं मना कर ही नहीं सकती थी, क्योंकि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का पहला चेक मुझे इसी बैनर से मिला था। वह फिल्म थी बिग ब्रदर, जो बहुत बाद में रिलीज हुई। उस बैनर और देओल परिवार से मेरा एक अलग रिश्ता है और हमेशा रहेगा। द्रोण के बाद आने वाली फिल्मों की बात चलने पर प्रियंका कहती हैं, मेरी फैशन और दोस्ताना पूरी हो चुकी हैं। दोनों ही फिल्मों में अलग किस्म के रोल हैं। फैशन का किरदार मुझसे मिलता-जुलता है। वह भी मेरी तरह छोटे शहर से आती है और बड़े शहर में कामयाब होना चाहती है। मुझमें और फैशन के किरदार में सारी समानताएं जरूर नहीं हैं, लेकिन फीलिंग्स और स्ट्रगल एक जैसे हैं। दोस्ताना में मैं फिर से अभिषेक और जॉन अब्राहम के साथ हूं। इसकी शूटिंग मियामी में हुई है। मैं फिलहाल कमीने की शूटिंग कर रही हूं। विशाल भारद्वाज की इस फिल्म के बारे में अभी कुछ भी बताना संभव नहीं है। क्या ऐसा लगता है कि श्रेष्ठ हीरोइनों की दौड़ में प्रियंका आगे निकल रही हैं? वे कहती हैं, मैं फिजूल की बातों पर ध्यान नहीं देती। मैंने कभी कोई प्लानिंग नहीं की। जब जैसी फिल्में मिलीं, उन्हें दिल लगाकर किया। अपने छोटे से करियर में मुझे अलग-अलग तरह की फिल्मों में काम करने के अवसर मिले हैं। मैंने दर्शकों को कभी निराश नहीं किया।
-अजय ब्रह्मात्मज