
करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन की दोस्ताना पहली ऐसी फिल्म है, जिसका नाम के से आरंभ नहीं होता। के को खुद के लिए लाभप्रद मानने वाले करण दोस्ताना शीर्षक पर राजी हो गए। वैसे, उनके निर्देशन में आ रही फिल्म का नाम भी के से नहीं है। शाहरुख खान के साथ वे माई नेम इज खान बना रहे हैं। दोस्ताना के निर्देशक तरुण मनसुखानी हैं। वे लंबे समय से करण के सहायक रहे हैं और खुद को धर्मा प्रोडक्शन का वफादार सिपाही मानते हैं।
वे कहते हैं, मैंने फिल्म निर्देशन के सारे गुर यहीं सीखे हैं। कुछ कुछ होता है के समय से मैं धर्मा से साथ जुड़ा हुआ हूं। इक्कीस साल की उम्र में मैं यहां आया था। करण और निखिल आडवाणी मेरे गुरु हैं। निर्देशन के तकनीकी पक्ष में निखिल का प्रभाव है, तो इमोशनल ड्रामा करण से सीखा है। तरुण निर्देशन में आना चाहते थे। कभी अलविदा ना कहना की शूटिंग के दौरान ही उन्होंने करण को संकेत दिए थे। तब करण ने उन्हें भरोसा देते हुए कहा था, फिल्म की स्क्रिप्ट लिखो और दिखाओ। अगर मुझे पसंद आई, तो मैं बनाऊंगा। इस भरोसे के बाद तरुण का जोश बढ़ गया। उन्होंने स्क्रिप्ट लिखने के पहले कभी अलविदा ना कहना के सेट पर ही अभिषेक को आइडिया सुनाया। अभिषेक ने पूरी रुचि दिखाई और पहली बार में ही कहा, यह मजेदार फिल्म होगी। जब अभिषेक को पता चला कि दूसरे के लिए मैं जॉन अब्राहम से बात करूंगा, तो वे और खुश हुए। उन्होंने तभी कहा था, यह फिल्म इंटरेस्टिंग होगी।
फिल्म को लेकर जॉन शुरू में आशंकित थे। उनकी चिंता थी, पता नहीं इस कहानी में अभिषेक और मैं सही रहेंगे या नहीं? दोनों की इमेज बिल्कुल अलग है और इस फिल्म में हमें दिखाना है कि हम समलैंगिक हैं। बाद में जॉन राजी हुए और अपनी मौजूदगी से उन्होंने फिल्म को अलग लेवॅल पर पहुंचा दिया। इसका ट्रेलर आने के बाद से ही जॉन के बॉडी और लुक की चर्चा हो रही है। तरुण मानते हैं कि यह हमारी फिल्म के लिए अच्छा है। अनजाने में यह सब फिल्म के सपोर्ट में काम कर गया। निश्चित ही जॉन ने फिल्म के हिसाब से बॉडी पर ध्यान दिया था। हम सभी जानते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में जॉन अपनी ऐक्टिंग से ज्यादा बॉडी के लिए मशहूर हैं। उनकी जबरदस्त सेक्सी इमेज है। दोस्ताना के संबंध में अभिषेक बच्चन कहते हैं, यह कॉमिकल अंदाज में बनाई गई दोस्ती वाली फिल्म है। इसमें जॉन और प्रियंका चोपड़ा के साथ के दृश्यों में खूब मजा आया। मैंने पहली बार इस तरह का किरदार निभाया। इस फिल्म की शूटिंग में हम सभी ने खूब एंज्वॉय किया। वे आगे कहते हैं, दोस्ती पर लोगों ने कई फिल्में देखी होंगी। यह उन सभी से अलग फिल्म है। तरुण की राय में, इस पहलू से दोस्ती को फिल्मों में कभी नहीं पेश किया गया। कहानी लिखते समय मुझे लगा कि वक्त आ गया है कि हम समाज में स्वीकृत हो रहे इन पहलुओं को लेकर फिल्म बनाई जाए। यह मियामी की कहानी है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक कहानी के इस पहलू को पसंद करेंगे।
दोस्ताना की कहानी करण के साथ ही अभिषेक, जॉन और प्रियंका को भी अच्छी लगी। फिल्म के नएपन ने इन सभी को आकर्षित किया। दोस्ताना में दर्शकों को दोस्ती का नया अंदाज दिखेगा। इसकी एक खूबी मियामी का स्वच्छ और सुंदर समुद्र भी है। मियामी के समुद्र तटों को दुनिया के खूबसूरत समुद्र तटों के रूप में जाना जाता है। तरुण बताते हैं, मियामी में शूट करने की बड़ी वजह कहानी और उसकी पृष्ठभूमि में वहां का समुद्र तट था।
-अजय ब्रह्मात्मज