
हिंदी फिल्मों में दक्षिण भारतीय की हीरोइनों को खूब कामयाबी मिली है और यह आज भी जारी है। इन दिनों जिस दक्षिण भारतीय फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री की हिंदी फिल्मों में आने की चर्चा जोरों पर है, वे हैं असिन। आमिर खान अभिनीत गजनी में वे हिंदी फिल्मी दर्शकों से रूबरू होंगी। दरअसल, असिन दक्षिण भारत से आई उन अभिनेत्रियों की परंपरा को आगे बढ़ाएंगी, जिन्होंने हिंदी सिनेमा की शुरुआत से आज तक अपनी सहज अदायगी और खूबसूरती से दर्शकों को सम्मोहित किया है। एक नजर, दक्षिण भारत से आई अभिनेत्रियों के अभी तक के फिल्मी सफर पर..
चला था इनका जादू
हिंदी फिल्मी दर्शकों पर दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों की खूबसूरती का जादू पहली बार तब सिर चढ़कर बोला, जब हिंदी फिल्मों में वैजयंतीमाला की बड़ी-बड़ी आंखों ने बोलना शुरूकिया। नृत्य-क्षमता और अदायगी से उन्होंने हिंदी फिल्मों के सुनहरे इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। वैसे, वैजयंतीमाला की समकालीन अभिनेत्री पद्मिनी भी हिंदी फिल्मी दर्शकों को लुभाने में सफल रहीं। राजकपूर अभिनीत जिस देश में गंगा बहती है में उनकी आकर्षक भंगिमा ने दर्शकों का ध्यान खींचा। हालांकि पद्मिनी की उपस्थिति हिंदी फिल्मों में बहुत अधिक नहीं रही, लेकिन वे अपने अभिनय की प्रभावी छाप हिंदी के दर्शकों पर छोड़ने में सफल जरूर रहीं। इनके बाद हेमा मालिनी ने लोगों पर जादू किया। उन्हें स्वप्न सुंदरी कहा गया। गौरतलब है कि हेमा मालिनी हिंदी फिल्मों की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिनका आकर्षक व्यक्तित्व किसी भी तुलना से परे है। हेमा के बाद रेखा और जया प्रदा ने दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों का वर्चस्व हिंदी फिल्मी दुनिया में बनाए रखा। रेखा तो हिंदी फिल्मों की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शुमार हो गई। रेखा ने भी सफलता के नए सोपान छूए। उम्र के इस पड़ाव में भी वे दर्शकों को सम्मोहित करने की क्षमता रखती हैं। रेखा के बाद जया प्रदा ने अपनी पहली हिंदी फिल्म सरगम में नृत्य-कला के प्रति समर्पित गूंगी लड़की की भूमिका निभाकर दर्शकों से प्रशंसा पाई। रेखा और जया प्रदा की लोकप्रियता चरम पर थी, तभी श्रीदेवी ने हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया। श्रीदेवी के हिंदी फिल्मों में प्रवेश ने दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों की पहचान को एक बड़ा दायरा दिया। उन्होंने वर्षो तक हिंदी फिल्मी दुनिया में राज किया।
फीकी रही इनकी चमक
श्रीदेवी के बाद धीरे-धीरे दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों की मौजूदगी हिंदी फिल्मों में कम होती गई। शांतिप्रिया, भानुप्रिया, श्रीप्रदा सरीखी अभिनेत्रियों ने हिंदी फिल्मों में स्वयं को स्थापित करने का प्रयास जरूर किया, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। सच तो यह है कि श्रीदेवी की ये समकालीन अभिनेत्रियां हिंदी फिल्मों में लोकप्रियता अर्जित करने में विफल रहीं। हालांकि विजयाशांति, खुशबू और माधवी सरीखी अभिनेत्रियों को हिंदी फिल्मी दर्शकों से सराहना जरूर मिली, लेकिन वे श्रीदेवी की भांति लोकप्रियता के शिखर तक पहुंच नहीं पाई। कुछ वर्षो के अंतराल के बाद दक्षिण भारत से आई कई नई अभिनेत्रियों ने हिंदी फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन वे भी दर्शकों को लुभाने में असफल रहीं। इनमें नगमा और ज्योतिका सदाना उल्लेखनीय हैं। दक्षिण भारतीय फिल्मों में बड़ा मुकाम पाने के बाद ज्योतिका ने डोली सजा के रखना में हिंदी फिल्मी दर्शकों को अपनी मासूमियत से प्रभावित करने का प्रयास जरूर किया, लेकिन बड़ी बहन नगमा की तरह उनके हाथ भी असफलता ही आई।
कड़ी हैं हम
एक दौर ऐसा भी आया, जब दक्षिण भारतीय भाषा की फिल्म से अभिनय की पारी की शुरुआत करने के बाद अभिनेत्रियों ने स्वयं को हिंदी फिल्मों के प्रति समर्पित कर दिया। इन अभिनेत्रियों को प्रारंभिक अवसर मिला-दक्षिण भारतीय फिल्मों में, लेकिन हिंदी फिल्मों की ओर झुकाव के कारण इन्हें दक्षिण भारत की अभिनेत्री की संज्ञा नहीं मिल पाई। वैसे, ऐसी स्थिति में इन्हें दक्षिण भारत के फिल्मोद्योग और हिंदी फिल्मोद्योग के बीच की कड़ी कहा जा सकता है। ऐसी अभिनेत्रियों में ऐश्वर्या राय का नाम भी उल्लेखनीय है। कर्नाटक केमैंगलोर शहर में पली-बढ़ी ऐश्वर्या ने मणिरत्नम निर्देशित इरुवर से अपनी फिल्मी पारी की शुरुआत की, लेकिन उसके बाद हिंदी फिल्मों में उनकी सक्रियता के कारण उन्हें मुख्य रूप से हिंदी फिल्मों की नायिका के रूप में ही पहचान मिली। ऐश्वर्या के विपरीत हिंदी फिल्म तुझे मेरी कसम से अभिनय की पारी की शुरुआत करने वाली जेनिलिया डी-सूजा ने दक्षिण भारत की फिल्मों की ओर रुख किया। दक्षिण में उन्हें सफलता भी मिली और अब वे एक बार फिर हिंदी फिल्मों में सक्रिय हैं। श्रेया सरन ने भी जेनिलिया की तरह ही हिंदी फिल्मों से दक्षिण भारतीय फिल्मों की ओर रुख किया था, लेकिन उन्हें लोकप्रियता दक्षिण की फिल्मों से ही मिली। शोभना भी दक्षिण भारत की ऐसी अभिनेत्री हैं, जो अपने संवेदनशील अभिनय का परिचय समय-समय पर हिंदी फिल्मों में देती रही हैं। दक्षिण भारत की इस अभिनेत्री ने हिंदी फिल्मों में अपनी प्रभावी उपस्थिति से दर्शकों को प्रभावित किया है। दक्षिण भारत की लोकप्रिय अभिनेत्री सदा भी अपनी पहली हिंदी फिल्म खलबली से हिंदी फिल्मी दर्शकों को प्रभावित करने आ रही हैं। उम्मीद है, मूल रूप से महाराष्ट्र के रत्नागिरी की सदा भी भविष्य में दक्षिण भारतीय फिल्मों और हिंदी फिल्मों के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरेंगी।
आ रही हूं मैं
खूबसूरत असिन ने हिंदी फिल्मी दर्शकों को अपने आकर्षण के मोह-पाश में बांधने के उद्देश्य से मुंबई की फिल्म नगरी की ओर रुख कर लिया है। असिन का शाब्दिक अर्थ है निश्छल और असिन चाहती हैं कि अपने नाम की ही भांति वे निश्छल रूप से बिना किसी जोड़-तोड़ के अपनी अभिनय-प्रतिभा के बल पर हिंदी फिल्मों में अपनी लोकप्रियता का परचम लहराएं। उनके हिंदी फिल्मी सफर की शुरुआत बेहद शानदार हो रही है। पहली ही फिल्म में उन्हें साथ मिला है आमिर खान जैसे मंजे हुए अभिनेता का। उल्लेखनीय है कि गजनी तमिल और तेलुगू भाषा में बनी इसी शीर्षक की फिल्म का हिंदी संस्करण है। दरअसल, गजनी में जो भूमिका असिन निभा रही हैं, वही उन्होंने तमिल और तेलुगू में बनी गजनी में भी निभाई थी। कहते हैं, असिन ने मूल गजनी में अपनी भूमिका को इतनी अच्छी तरह चित्रित किया था कि जब उसकेहिंदी संस्करण की योजना बनी, तो असिन के अतिरिक्त कोई विकल्प निर्माता-निर्देशकों को सूझा ही नहीं। असिन ने भी आमिर खान के साथ अभिनय के इस बेहतरीन अवसर को जल्द स्वीकार कर लिया और इस तरह उनके लिए हिंदी फिल्मों के द्वार खुल गए। अभी असिन की पहली हिंदी फिल्म गजनी प्रदर्शित भी नहीं हुई है और उनकी फिल्मी झोली दिग्गज फिल्मकारों की फिल्मों से भरने लगी है। आमिर खान के बाद जिन अभिनेताओं के साथ असिन हिंदी फिल्मों के दर्शकों से रूबरू होंगी, वे हैं सलमान खान, अजय देवगन और अक्षय कुमार। लंदन ड्रीम्स में सलमान और अजय देवगन की नायिका बनी हैं वे। उन्हें प्रियदर्शन ने अक्षय कुमार अभिनीत अपनी आगामी हिंदी फिल्म ऐसे को तैसा में भी चुना है। असिन हिंदी फिल्मों को लेकर बेहद उत्साहित हैं। वे कहती हैं, इतना ही कह सकती हूं कि मैं लकी हूं। शायद यह मेरा आत्मविश्वास है, जो सबको लुभाता है। हाल ही में असिन के फिल्मी सफर में एक और नई उपलब्धि जुड़ गई है और वह है जापानी और अंग्रेजी भाषा में बन रही फिल्म 19 स्टेप्स में अभिनय करने का अवसर। भरत बाला के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में जापानी अभिनेता असानो तादानेबू के साथ वे हैं। उल्लेखनीय है कि 19 स्टेप्स में कमल हासन भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उम्मीद है, भाषा की दीवार तोड़कर हिंदी फिल्मी दुनिया में प्रवेश करने वाली दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों की इस परंपरा को असिन नया आयाम देंगी। उनके आकर्षण का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोलेगा और वे हिंदी फिल्मों की शीर्ष अभिनेत्रियों में अपना नाम शुमार कराने में सफल रहेंगी.।
-सौम्या