गर्व है हम भारतीय हैं

गर्व है हम भारतीय हैं

गणतंत्र दिवस पर विशेष..

फिल्मी चकाचौंध में डूबे रहने वाले रुपहले पर्दे केसितारे भी आम भारतवासी की तरह ही राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर विश्व के विशालतम गणतांत्रिक देश का नागरिक होने का जश्न मनाते हैं। वे भी इस दिन हर भारतवासी की तरह राष्ट्र के प्रति अपने प्रेम और समर्पण को पूरे उत्साह से अभिव्यक्त करते हैं। बचपन की गणतंत्र दिवस की यादों को संजोते हुए हमारे सितारे भी देश और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन का प्रण करते हैं 26 जनवरी को। आइए रूबरू होते हैं गणतंत्र दिवस से जुड़ी इन सितारों की भावनाएं और बचपन की यादों से..

अपना ही मजा था- जेनेलिया डी-सूजा

मेरे लिए गणतंत्र दिवस अपने देश पर गर्व करने का दिन है। इस दिन मैं दिन भर टीवी देखती हूं और शूटिंग के लिए नहीं जाती। छुट्टी अगर नहीं मिलती है, तब भी इस दिन मैं शूटिंग पर नहीं जाती। मैं मानती हूं कि 26 जनवरी को छुट्टी मिलना हर भारतवासी का अधिकार है। इस दिन मैं टीवी पर रिपब्लिक डे परेड देखती हूं। हालांकि बचपन में गणतंत्र दिवस का अलग ही क्रेज होता था। मैं अपने स्कूल की कैप्टेन थी, इसलिए स्कूल में होने वाले सभी प्रोग्राम को कंडक्ट करना पड़ता था। उस दिन मैं जल्दी-जल्दी उठकर स्कूल जाती थी। चूंकि मेरे प्रिंसिपल पूरी तरह मुझ पर ही डिपेंड करते थे, इसलिए मैं नहीं चाहती थी कि उन्हें निराश करूं! इसकी तैयारी पहले से शुरू हो जाती थी। एक प्ले भी हम करते थे। बचपन में 26 जनवरी के सेलिब्रेशन का अपना ही मजा था।

अब डर लगता है- अंजना सुखानी

26 जनवरी के दिन महसूस होता है कि हम आजाद हैं और हमारा अपना संविधान है। हम अपने द्वारा बनाए गए नियम-कानून का ही पालन कर रहे हैं। जब मैं दिल्ली में थी, तब 26 जनवरी के आने से पहले ही इसकी तैयारियां देखने को मिल जाती थीं। हेलीकॉप्टर की आवाज कान में गूंजती थी। बचपन में स्कूल में झांकियां निकलती थीं, जिन्हें देखने में मजा आता था। मैं भी इसका हिस्सा होती थी। स्पेशल डांस पार्टियां होती थीं, जिन्हें देखने और हिस्सा बनने में बड़ा मजा आता था। शुरुआत में 26 जनवरी के दिन का अलग एक्साइटमेंट होता था, लेकिन अब डर लगता है। पता नहीं, कब कुछ ऐसा घट जाए, क्योंकि अक्सर 15 अगस्त और 26 जनवरी को ही कुछ अनहोनी होती है।

कर्तव्यों की याद दिलाता है यह दिन- ट्यूलिप जोशी

राष्ट्रीय त्योहार हमें देश के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाते हैं। हम सब अपने निजी जीवन में इतने व्यस्त होते हैं कि देश के बारे में सोचना भूल जाते हैं। हमारे रोज के जीवन की अपनी-अपनी चिंताएं हैं, लेकिन जब कोई दुर्घटना होती है, तब हमें अपनी स्ट्रेंथ का अहसास होता है। तभी हमें महसूस भी होता है कि हम एक हैं। पिछले दिनों मुंबई में जो कुछ हुआ, उसके बाद मैंने महसूस किया कि जब हम किसी मुश्किल में फंसते हैं, तब अपने देशवासी पर ही भरोसा करते हैं। मुझे लगता है कि गणतंत्र दिवस के दिन हमें देश और हमवतन साथियों के प्रति अपने कर्तव्यों को भी समझना जरूरी है। मात्र अधिकार की बात करना देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से मुकरना है।

आदर्शो को याद करने का दिन- अमृता अरोड़ा

26 जनवरी आते ही मेरे मन में देशभक्ति गीत गूंजने लगते हैं। मैं इस दिन अपना पसंदीदा देशभक्ति गीत मेरे देश की धरती सोना उगले.. गुनगुनाने लगती हूं। हर भारतवासी की तरह गांधी जी को मैं बेहद याद करती हूं। 26 जनवरी को जब टीवी पर गणतंत्र दिवस परेड देखती हूं, तो मुझे अपने भारतवासी होने का बहुत गर्व होता है। मेरे लिए गणतंत्र दिवस उन शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने हमें आज आजाद भारत में जीने के योग्य बनाया। बचपन में इस दिन का अपना ही क्रेज होता था। हमारे स्कूल में कल्चरल प्रोग्राम होते थे, जिनमें मैं भी भाग लेती थी। हम अपने स्कूल ड्रेस पर छोटा तिरंगा लगाते थे। आज जब 26 जनवरी के दिन स्कूल के बच्चों को हाथों में तिरंगा लिए देखती हूं, तो बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं।

दिल गर्व से भर जाता है- जूही चावला

गणतंत्र दिवस पर लोगों का उत्साह देखकर दिल गर्व से भर जाता है। यह वही दिन है, जब हम झंडे को गर्व से अपने सीने से लगाते हैं। जब मैं छोटी थी, तब इस दिन पापा विशेष रूप से टीवी पर आ रहे गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए हम सभी को बिठाते थे। पिछले दो साल से मैं भी ऐसा ही अपने बच्चों के साथ करती हूं। हम साथ बैठकर परेड देखते हैं। भारत के सभी राज्यों की झांकी परेड में हम देखते हैं। जब मिलिट्री और एयरफोर्स के जवान करतब दिखाए जाते हैं, तो हम उत्साहित हो जाते हैं।

धन्यवाद देने का दिन है- अदा शर्मा

26 जनवरी के दिन हमारा संविधान लिखा गया था, इसलिए यह दिन हर भारतवासी के लिए काफी महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से मेरे लिए यह उन शहीदों को याद करने का दिन है, जिन्होंने हमें आजादी दिलाने के लिए अपने आपको देश पर कुर्बान कर दिया। आज का दिन मेरे लिए आजादी के हर पल को धन्यवाद देने का दिन है। वैसे, हमारा स्कूल सवेरे आठ बजे शुरू होता था, लेकिन इस दिन हम सभी को सवेरे छह बजे स्कूल जाना होता था। इस दिन हम किसी शहीद की जीवनी पर आधारित एक नाटक का मंचन भी करते थे। एक बार मैंने रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभाया था।

ऐसा करते हुए मुझे गर्व हुआ- नंदना सेन

जब मैं छोटी थी, तब हर गणतंत्र दिवस पर परेड में बड़े चाव से भाग लेती थी। मैं मणिपुरी नृत्य समूह का हिस्सा होती थी। एक बार मैंने अपने नृत्य के जरिए कृष्ण भगवान की भूमिका निभाई थी। मेरी दादी के लिए वह लम्हा गर्व भरा था, वे मैदान में बैठी मुझे देख रही थीं। कुछ सालों बाद मैंने परेड में बनारसी साड़ी पहनकर बंगाली वधू के रूप में भाग लिया था। मुझे याद है, उस परेड में एक ऊंचा और बड़ा-सा झंडा मुझे पकड़ने के लिए दिया गया था। मैं उसे लेकर आगे चल रही थी। उस झंडे को लेकर चलते हुए मुझे गर्व हो रहा था। मैं सारा दिन मुस्कुराते हुए घूम गई।

भारतवासी इसका सम्मान करें- श्रेयस तलपड़े

मेरे लिए गणतंत्र दिवस का अर्थ है अपने संविधान और देश को नमन करना। हर भारतवासी इस बात को समझे और अपने संविधान का सम्मान करे। बचपन में मेरे लिए गणतंत्र दिवस का अर्थ होता था मेरे जन्मदिन से एक दिन पहले मिलने वाली छुट्टी। वह छुट्टी मेरे लिए हमेशा यादगार होती थी, लेकिन बाद में बड़ा होने के बाद मैंने गणतंत्र दिवस के अर्थ और महत्ता को सही मायने में समझा। यह हर भारतीय के लिए अहम दिन है।

इसका अर्थ है जागरूकता- आशुतोष गोवारीकर

मेरे लिए गणतंत्र दिवस का अर्थ है जागरूकता, जो मुझे मेरे देश के प्रति जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। साथ ही यह भी याद दिलाता है कि मुझे अपने देश के विकास के लिए सतत प्रयत्नशील रहना है। गणतंत्र दिवस हमेशा मेरे अंदर राष्ट्रीय भावना का संचार करता है। जब मैं छोटा था, तब हर गणतंत्र दिवस के दिन स्कूल में झंडा फहराने के प्रति मैं काफी उत्साहित रहता था। मैं आर.एस.पी. अर्थात रोड सेफ्टी पेट्रोल का सदस्य था। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुंबई केसभी स्कूल से आर.एस.पी. से जुड़े बच्चे परेड के लिए शिवाजी पार्क ग्राऊंड में एकत्रित होते थे, जहां बेस्ट स्कूल को ट्राफी दी जाती थी। बान्द्रा स्थित सेंट थेरेजा यानी मेरे स्कूल ने मेरे स्कूली जीवन में यह ट्राफी चार बार जीती। गणतंत्र दिवस की ये सब मेरी सबसे अच्छी यादें हैं।

भारतीय होने पर गर्व है- हिमेश रेशमिया

26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए बेहद स्पेशल है। वैसे तो हम सभी प्रतिदिन अपने-अपने कार्यो में व्यस्त रहते हैं, लेकिन 26 जनवरी का खास दिन हमें हमारे पूर्वजों की कुर्बानी याद दिलाता है। हमें हमारी आजादी की कीमत का अहसास कराता है। मुझे गर्व है कि मैं भारतीय हूं। इस दिन से बचपन की कई खास यादें जुड़ी हैं। बचपन में मैं बेसब्री से 26 जनवरी का इंतजार करता था, क्योंकि इस दिन हमें सुबह उठना और तैयार होकर झंडा फहराने स्कूल जाना होता था। आज के दिन हम खूब मस्ती करते थे।

-सौम्या/रजनी

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