
लंबे गैप के बाद अदाकारा रामेश्वरी स्टार प्लस केधारावाहिक मितवा..फूल कमल के में दिख रही हैं। वे इससे पहले जब लव हुआ और बाबुल का आंगन छूटे ना में नजर आई थीं। मितवा.. में वे कांता की भूमिका निभा रही हैं। रामेश्वरी बताती हैं, इस धारावाहिक में मैं अपनी भूमिका से बहुत हद तक संतुष्ट हूं। कांता थोड़ी पागल है या यह कहिए कि विक्षिप्त है। उसके पति और बच्चे की मृत्यु हो चुकी है। निचली जाति की होने के कारण उस पर बहुत कुछ गुजरा है। गांव के अनाथ बच्चे बिरजू को वह अपने बेटे की तरह मानती है और उसे उसके सम्मान का अहसास दिलाती है। कांता ने ठान लिया है कि वह बिरजू के साथ अन्याय नहीं होने देगी। खुश हूं कि छोटे पर्दे पर भी ऐसी चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाने का अवसर मिल रहा है।
क्या कभी निजी जीवन में रामेश्वरी का सामना कांता जैसी महिला से हुआ है? वे बताती हैं, नहीं, ऐसी किसी महिला से मेरा सामना तो नहीं हुआ है, लेकिन इतना तय है कि यदि ऐसी औरत मुझे कभी मिल जाएगी, तो मैं उसे पहचान लूंगी। उसे बताने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी कि उसके साथ कैसी परिस्थितियां गुजरी हैं? उसकी आंखों की भाषा मैं तुरंत पढ़ लूंगी।
लगभग तीन दशक से अभिनय की दुनिया में सक्रिय रामेश्वरी के लिए नवोदित अभिनेता-अभिनेत्रियों के साथ अभिनय करने का अनुभव कैसा रहा? वे बताती हैं, बेहद टैलेंटेड हैं सभी। मितवा.. में बिरजू की भूमिका निभा रहा मोहित तो बहुत प्यारा है। वह मेरे बच्चे की तरह है। वह पहली बार अभिनय कर रहा है। शूटिंग के दौरान उसे जब भी कोई तकलीफ होती है, मेरे पास आकर पूछता है कि इस दृश्य में मुझे क्या करना चाहिए? मैं उससे कहती हूं कि एक्टिंग में कॉन्सस होने की जरूरत ही नहीं है। जितनी स्वाभाविक एक्टिंग करोगे, उतना ही अच्छा। राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म दुल्हन वही जो पिया मन भाए में इस सांवली-सलोनी अदाकारा ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी, लेकिन पर्याप्त अवसर न मिलने के अभाव में रामेश्वरी ने फिल्मों से लंबा गैप ले लिया। वे कहती हैं, ऐसा नहीं है कि फिल्मों से मैंने संन्यास ले लिया है। इच्छा होती है कि फिल्मों में भी अभिनय करूं, लेकिन ऐसा लगता है फिल्म निर्माता-निर्देशक मुझे भूल गए हैं। ऐसे में मैं छोटे पर्दे पर अभिनय करके ही संतुष्ट हूं। पूना फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से औपचारिक प्रशिक्षण के बाद रामेश्वरी ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। प्रशिक्षित अभिनेत्री होने के बाद भी वे नहीं मानतीं कि एक सफल और अच्छे अभिनेता या अभिनेत्री के लिए किसी तरह के औपचारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है, मैं नहीं मानती कि अच्छे अभिनेता के लिए किसी तरह का पूर्व प्रशिक्षण जरूरी है।
-मुंबई प्रतिनिधि