पंछी बोरा: नेचुरल ब्यूटी पर यकीन

पंछी बोरा: नेचुरल ब्यूटी पर यकीन

पूना में पली-बढ़ी हैं अभिनेत्री पंछी बोरा। हालांकि कॉलेज के दिनों में उन्हें मॉडलिंग का शौक ज्यादा था, लेकिन किस्मत से अभिनेत्री बन गई। पहला ब्रेक बालाजी टेलीफिल्म्स के धारावाहिक कितनी मस्त है जिंदगी में मिला। रोल बहुत बड़ा जरूर नहीं था, लेकिन पंछी ने अपने अभिनय से उसे प्रभावशाली बना दिया। उसके बाद बालाजी के एक ही धारावाहिक कयामत में मुख्य भूमिका निभाने का अवसर मिलने के कारण वे चर्चा में आ गई। उसके बाद पंछी घर-घर में सुंदर और सुशील प्राची के रूप में जानी गई। रिअॅल-लाइफ में भी शांत, सरल और सहज दिखने वाली पंछी को बता रही हैं अपनी सुंदरता का राज..

नेचुरल ब्यूटी पर मैं यकीन करती हूं। ज्यादा कॉस्मेटिक्स इस्तेमाल नहीं करती। वैसे भी शूटिंग के समय हम कलाकारों का चेहरा दस-दस घंटे मेकअप की मोटी परतों में छिपा रहता है। शूटिंग खत्म होते ही सबसे पहले मैं अपना चेहरा सावधानी के साथ धोती हूं। सौंदर्य-निखार के लिए कुछ करें, इससे पहले हमें यह जान लेना चाहिए कि इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है? इसका पहला उपाय यह है कि जितनी ज्यादा मात्रा में पानी पी सकें, पीएं। विकल्प के रूप में मैं लिक्विड पदार्थो यानी ताजे फलों का रस, गन्ने का रस, नींबू पानी, नारियल पानी आदि का इस्तेमाल करती हूं। इससे त्वचा की स्निग्धता बनी रहती है। इससे त्वचा रोग भी नहीं होता। वैसे तेल, मिर्च-मसाले आदि के सेवन से भी बचती हूं। यदि तेज रोशनी या धूप में काम करती हूं, तो त्वचा की रक्षा के लिए हर्बल प्रोडक्ट वाली कोई क्रीम इस्तेमाल करती हूं। कौन-सी क्रीम सही होगी, इसके लिए ब्यूटीशियन से सुझाव लेना ज्यादा अच्छा है। मैं ज्यादातर हर्बल वाले कॉस्मेटिक्स ही इस्तेमाल करती हूं। इससे किसी तरह के नुकसान की संभावना नहीं रहती। मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरी त्वचा न तो बहुत तैलीय है और न ही रूखी। मेकअप के रूप में लिप ग्लॉस, हल्के रंगों की नेल पॉलिश, छोटी-सी बिंदी, बस यही होता है मेरा घरेलू मेकअप। हेयर केयर के लिए मैं सप्ताह में दो बार रात को सोने से पहले तेल जरूर लगाती हूं और सुबह उसे हर्बल शैंपू से धो लेती हूं। मुझ पर कब कौन-सा परिधान फबता है, इस बात का अहसास मुझे भली-भांति है। इसके बावजूद अगर कोई नई ड्रेस पहनती हूं, तो मैं मम्मी की सलाह जरूर लेती हूं, क्योंकि उनमें अच्छी ड्रेस सेंस है। मुझे फैशन डिजाइनरों से ड्रेस खरीदना फिजूलखर्ची लगती है। उनके ड्रेस जरूरत से ज्यादा महंगे होते हैं। पहले मैं पूना के किसी मॉल से अपने ड्रेस खरीदती थी। मुंबई आने के बाद मैं ज्यादातर फिनिक्स मिल, इन ऑरबिट या बांद्रा स्थित छोटे-मोटे बुटिक से भी खरीदारी कर लेती हूं। मैं वही ड्रेस पहनना पसंद करती हूं, जिसे पहनकर मुझे कंफर्ट फील हो। वैसे, मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए ड्रेस मुझे बहुत अच्छे लगते हैं।

अगर पसंद की बात आती है, तो मुझे साड़ी सबसे अच्छी लगती है। बशर्ते कि उसे पहनने के लिए पूरा समय मिले। मुझे याद है, मैंने एक बार किसी पार्टी के लिए अपनी मनपसंद साड़ी खरीदी थी, जिसकी कीमत बारह हजार थी। यह मेरी अब तक की सबसे महंगी ड्रेस थी।

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