वांटेड की कामयाबी से खुश हैं सलमान

वांटेड की कामयाबी से खुश हैं सलमान

क्या आप जानते हैं कि सलमान खान को बांद्रा इतना प्रिय है कि वे अपनी आंखें यहीं बंद करना चाहते हैं। सलमान का जन्म इंदौर में हुआ, लेकिन वे छोटी उम्र में ही मां के साथ यहां आ गए थे। बांद्रा के चप्पे-चप्पे से परिचित सलमान शहर के साथ इलाके की तरक्की से बहुत खुश नहीं हैं। उन्हें लगता है कि बांद्रा की खूबसूरती चली गई है। इसके बावजूद वे इसे छोड़ने के मूड में नहीं हैं। यहां की हवा उनके तन-मन में घुली हुई है। वे कहते हैं, यह आलम और आबोहवा और कहां मिलेगी? यहां सभी मुझे जानते हैं और बांद्रा में साइकिल चलाते समय मैं कोई खतरा महसूस नहीं करता।

सलमान की ज्यादातर मीडिया बैठकें महबूब स्टूडियो में होती हैं। यह उनके घर के पास है। एक किलोमीटर की भी दूरी नहीं है उनके घर से, लेकिन इस दूरी को तय करने में उन्हें घंटों लग जाते हैं। वे आज भी उन पुराने अभिनेताओं की तरह जीते और व्यवहार करते हैं, जिनके लिए समय पर कहीं पहुंचना स्टारडम की तौहीन है। आजकल हर बड़े और पापुलर स्टार के साथ लाव-लश्कर चलता है, लेकिन सलमान का अंदाज निराला है। उनके आने के पहले उनके लोग आते हैं और सूचना देते हैं कि भाई आ रहे हैं। उनके करीबी और उनके दोनों छोटे भाई उन्हें भाई कहते हैं। मुंबई में भाई का पहले खतरनाक मतलब होता था। सलमान को लोग प्यार से भाई कहते हैं। वांटेड की कामयाबी से खुश सलमान मानते हैं कि जब-जब उन्होंने दिल से किसी फिल्म के बारे में सोचा है, फिल्म चली है। वांटेड ऐसी ही फिल्म थी, उसमें हिंदी फिल्मों का पुराना हीरो लौट कर आया था। यही वजह है कि दर्शकों ने उसे फिल्म को पसंद किया। हमें वैसे हीरो की जरूरत है, जिसकी आप पूजा कर सकें। आठवें और नौवें दशक में ऐसे हीरो ज्यादा होते थे। अपनी नई फिल्म मैं और मिसेज खन्ना के नहीं चलने का उन्हें अफसोस है। सलमान को लगता है, फिल्म के प्रचार में कोई कमी रह गई या वे अपनी बात ठीक से दर्शकों तक नहीं ले जा सके। नई पीढ़ी स्त्री-पुरुष संबंधों को लेकर बहुत खुली हुई है। सलमान बहन अर्पिता का उदाहरण देकर कहते हैं, हमारी उम्र में ज्यादा फर्क नहीं है, लेकिन सोच में बहुत फर्क आ गया है। इस जेनरेशन की सोच के साथ फिल्म बनाने की जरूरत है।

सलमान मानते हैं कि संबंधों में आधुनिक सोच के साथ भारतीय मूल्यों को जोड़ने की जरूरत है। क्या हैं भारतीय मूल्य? वे समझाते हैं, मान लीजिए कि आप शादीशुदा हैं और आपके किसी दोस्त का दिल आपकी बीवी पर आ गया है। ऐसी स्थिति में बीवी ही संबंधों कैसे संभाल सकती है। यह भारतीय मूल्य है। लड़की पलटकर नाराजगी से देख भर ले, तो बड़ा सा चेहरा भी सिकुड़ जाता है। अपनी सोसाइटी में लड़कियां ज्यादा समझदार और व्यावहारिक होती हैं। सलमान शादी के बाद पति-पत्‍‌नी की परस्पर समझदारी और वफादारी पर बहुत जोर देते हैं। उनकी सलाह है, शादी के बाद बीवी से वफादार रहें या फिर शादी ही ना करें। वे हंसते हुए आगे जोड़ते हैं, मेरे शादी न करने को मेरी इस बात के रेफरेंस में न देखें।

सलमान विपुल शाह की फिल्म लंदन ड्रीम्स और अपनी अगली फिल्म वीर को लेकर बहुत उत्साहित हैं। उन्हें लगता है कि लंबे समय के बाद दर्शक उन्हें लंदन ड्रीम्स में ंिबंदास अंदाज में देखेंगे। वे अजय देवगन के काम की तारीफ करते हैं। उनकी राय में अजय फिल्म में दर्शकों को चौंकाएंगे, मैं तो अजय के काम से बहुत खुश हूं। अभी लोगों ने उनकी कॉमेडी देखी है। लंदन ड्रीम्स में वे अलग भूमिका में हैं।

फिल्म वीर में अपने रोल के बारे में कुछ बताने से सलमान झिझकते हैं, लोग पूछते हैं कि फिल्म की यूएसपी क्या है या मेरा रोल क्या है? मेरे लिए यह सब बता पाना मुश्किल काम होता है। हां, मैं अनिल शर्मा के काम से खुश हूं। उनका काम मुझे भव्य और एपिक नेचर का लगता है। फिर भी मैं उन पर नजर रखता हूं कि सब कुछ पीरियड-पीरियड न हो जाए।

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