
मुख्य कलाकार : श्रेयस तलपड़े, जावेद जाफरी, आशीष चौधरी, सेलिना जेटली, सयाली भगत, नेहा धूपिया, इंदर कुमार आदि
निर्देशक : परितोष पेंटर
तकनीकी टीम : निर्माता- सुभाष घई, राजू फारूकी, कथा - परितोष पेंटर, पटकथा-संवाद- लारेंस जॉन, गीत- वाजिद, ए के उपाध्याय, जलीस शेरवानी, संगीत- साजिद वाजिद
बड़ा नाम सुना था परितोष पेंटर का। मुंबई के रंगमंच के चिर-परिचित परितोष की फिल्म पेइंग गेस्ट से उस नाम के अनुरूप ही उम्मीद थी। उम्मीद तो टूटी ही, फिल्म देखकर घोर निराशा हुई और अफसोस हुआ कि सुभाष घई की प्रोडक्शन टीम को क्या हो गया है? उनकी टीम अच्छी स्क्रिप्ट क्यों नहीं चुन पा रही है?
आवास की समस्या से परेशान युवकों में से दो लड़की का रूप धारण कर दंपती बन जाते हैं और एक मकान में रहने लगते हैं। आवास की यह समस्या हम गोलमाल और गोलमाल रिटर्न्स में ज्यादा मनोरंजक अंदाज में देख चुके हैं। और फिर नए लड़कों के बीच जावेद जाफरी पूरी तरह मिसफिट लगते हैं। हंसाने का जानी लीवर का घिसा-पिटा तरीका अब ऊब पैदा करता है। असरानी और पेंटल को हमारे निर्देशक कुछ नया दे ही नहीं पाते। गौरतलब है कि पेंटल एफटीआईआई में अभिनय के शिक्षक हैं।
पूरी फिल्म बैंकाक में शूट की गई है। पृष्ठभूमि की आधुनिक भव्यता तभी सुंदर लगती है, जब सामने चल रहा ड्रामा दर्शनीय हो। पेइंग गेस्ट में कामेडी कम, कंफ्यूजन ज्यादा है।
रेटिंग :*
-अजय ब्रह्मात्मज