
पंकज आडवाणी की संकट सिटी निर्माता अनुभव सिन्हा हैं। मोजर बेयर और सेवन एंटरटेनमेंट की यह फिल्म रोचक अंदाज में मुंबई की सतह के नीचे चल रही जिंदगी का बयान करती है। संकट सिटी में अभिनेताओं की भरमार है। जाहिर सी बात है कि छोटे से छोटा किरदार भी इस फिल्म में दमदार दिखेगा।
फिल्म में गुरू और गनपत दोस्त हैं। दोनों मिल कर कार चुराने और बेचने का धंधा करते हैं। गुरू एक शाम मर्सिडीज चुरा कर लाता है। वे उसमें कुछ बदलाव कर रहे होते हैं कि उनहें एक करोड़ रुपए की थैली मिलती है। दोनों अपनी किस्मत के पलटने के संयोग से खुश हैं। गुरू कार बेचने की कोशिश में फंस जाता है। कार का मालिक पुराना डॉन है। वह गुरू से अपनी कार और रुपए मांगता है। गुरू गैराज पहुंचता है तो पाता है कि गनपत का एक्सीडेंट हो चुका है और वह अस्पताल में कोमा में पड़ा है। गुरू पैसे लौटाने के लिए चंद दिनों की मोहलत मांगता है और अपनी पुरानी चालाक दोस्त मोना की मदद लेता है।
समस्या है कि समय कम है और लौटाने हैं एक करोड़ रुपए। क्या यह मुमकिन होगा?
विधा- कामेडी
-अजय ब्रह्मात्मज