
प्रेम और वीर दोस्त हैं। वीर के पास पैसों की कमी रहती है। वह अपने सौतेले बड़े भाई से ज्यादा पैसे लेने के चक्कर में रहता है। प्रेम वीर की मदद करता रहता है। दोनों कुछ पैसों के लिए शार्टकट अपनाते हैं और मुसीबत में फंस जाते हैं। अब वे तगादों करने वालों से बचने में लगे रहते हैं। एक कंफ्यूजन यह भी फैलता है कि प्रेम की बीवी जाह्नवी को वे वीर की पत्नी समझ लेते हैं और वीर की प्रेमिका विद्या को प्रेम की गर्लफ्रेंड मान बैठते हैं। इस बीच वीर का सौतेला भाई धरम आ धमकता है। अब उन्हें एक तरफ धरम से सब कुछ छिपाना है और दूसरी तरफ अपने लेनदारों से छिपना है।
रोहित शेट्टी ने गोलमाल और गोलमाल रिटंर्स के बाद अजय देवगन के साथ तीसरी कामेडी फिल्म बनाई है। उन्होंने आल द बेस्ट को फैमिली के साथ देखने लायक कामेडी के रूप में प्रचारित किया है।
विधा- कॉमेडी
-अजय ब्रह्मात्मज