
जिंदगी के दोराहे पर खड़े तीन व्यक्तियों की जिंदगी एक-दूसरे को काटती हुई गुजर रही है। रैना, समीर और आकाश को फैसला करना है कि वे भविष्य में किस राह पर जाएं और किस के साथ जाएं? समीर तय नहीं कर पा रहा है कि वह इसी शहर में रहे या कहीं और चला जाए। इस शहर ने ही उसे सब कुछ दिया और ले भी लिया। रैना दुविधा में है कि वह अपने पति के करिअर को देखते हुए उसके साथ रहे या अपने नए प्रेमी को स्वीकार कर ले। नया प्रेमी आकाश समझ नहीं पा रहा है कि उसका प्रेम सच्चा है या महज आकर्षण है। संबंधों के इस उलझन से तीनों कैसे निकलें?
विधा- रोमांस
-अजय ब्रह्मात्मज