
आजमगढ़। आतंकवाद से अपने पैतृक शहर का नाम जोड़े जाने से आहत फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा कि कुछ गलत लोगों की वजह से गंगा-जमुनी तहजीब वाले इस शहर को बदनाम करना सरासर नाइंसाफी है।
अपने पैतृक गांव मिजवां के अपने आवास फतेह मंजिल में पूर्व राज्यसभा सदस्य और फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा, कुछ गलत लोगों की वजह से आजमगढ़ को आतंक का गढ़ बोलना और हर विवाद में इस शहर को सुर्खियों में लाकर बदनाम करना सरासर अन्याय और नाइसांफी है। उन्होंने कहा कि जब उनके पैतृक जिले आजमगढ को आतंक का गढ़ कहा जाता है तो उन्हें बेहद तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दोषी है तो उसे दण्ड जरूर मिलना चाहिए, लेकिन जो बेगुनाह हैं, उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए।मशहूर शायर कैफी आजमी की पुत्री शबाना ने कहा कि जहां कैफी आजमी, राहुल सांकृत्यायन और अल्लामा शिब्ली नोनामी पैदा हुए हो और कौमी एकता का झंडा हमेशा बुलंद रहता हो उस शहर पर इस तरह की तोहमत लगाने से दुख होता है।
शबाना ने धर्म के नाम पर राजनीति करने की खिलाफत करते हुए कहा कि पहले आजमगढ़ में हिन्दु और मुसलमान मिल कर रहते थे और कहीं भी दंगे फसाद नहीं होते थे। सही मायने में गंगा-जमुनी तहजीब यहां नजर आती थी, जो आज के समय में विकृत हो गई है। उन्होंने बिगड़ी स्थितियों के लिए धर्म के नाम पर राजनीति करने वालो को दोषी ठहराया और कहा कि हमें शांति का माहौल बनाना चाहिए और इस देश को धर्म निरपेक्ष राजनीति की बहुत जरूरत है।