मनोरंजक फिल्मों के नायाब फिल्मकार थे ऋषिकेश मुखर्जी

मनोरंजक फिल्मों के नायाब फिल्मकार थे ऋषिकेश मुखर्जी


27 अगस्त को पुण्यतिथि पर विशेष.. नई दिल्ली। हिन्दी फिल्मों में ऋषिकेश मुखर्जी एक ऐसे फिल्मकार के रूप में विख्यात हैं, जिन्होंने बेहद मामूली विषयों पर संजीदा फिल्में बनाने के...
सब कुछ सीखा हमने, न सीखी होशियारी

सब कुछ सीखा हमने, न सीखी होशियारी


27 अगस्त पुण्यतिथि पर विशेष.. नई दिल्ली। रीमिक्स के दौर में पुराना गीत-संगीत नए रूप में लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन जिंदादिली, रोमांस, अनाड़ीपन से लेकर मायूसी तक के हर भाव को अपनी...
फिल्मों को मूर्त रूप देती है सिनेमेटोग्राफी: गोविन्द निहलानी

फिल्मों को मूर्त रूप देती है सिनेमेटोग्राफी: गोविन्द निहलानी


नई दिल्ली। सिनेमेटोग्राफर के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले गोविन्द निहलानी का कहना है कि सिनेमेटोग्राफी और लाइटिंग सिनेमा के दो अत्यंत महत्वपूर्ण आधार हैं। सिनेमेटोग्राफी जहां फिल्मों को मूर्त...
लीला को नहीं था खूबसूरती का गुमान

लीला को नहीं था खूबसूरती का गुमान


लीला नायडू का निधन 28 जुलाई, 2009 को हो गया। सौम्य, सुशील और सुंदर लीला का जीवन उलझन और मुश्किलों से भरा रहा। इन दिनों शो बिजनेस से जुड़ी सुंदरियां इंटरनेशल पत्रिकाओं में अपने उल्लेख को तमगे की...
नाजिया हसन आप जैसा कोई.. नहीं

नाजिया हसन आप जैसा कोई.. नहीं


नई दिल्ली/कराची। फिल्म कुर्बानी के गीत आप जैसा कोई.. से लाखों भारतीयों के जेहन में छा जाने वाली पाकिस्तानी गायिका नाजिया हसन को गुरुवार को उनकी नौवीं पुण्यतिथि पर उनके चाहने वालों ने शिद्दत से याद...
पुराने जमाने का विलेन तन्हाई में

पुराने जमाने का विलेन तन्हाई में


लुधियाना। चढ़ते सूरज को सलाम पर डूबते सूरज को कोई नहीं पूछता। अब कोई किसी को नहीं पूछता। यह कहना है पुराने जमाने की फिल्मों के विलेन 78 वर्षीय दर्शन जोशन का। खून पसीना, दोस्ताना, याराना, साजिश,...
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