
अभिनेता ऋषि कपूर और अभिनेत्री नीतू सिंह में एक समानता यह थी कि दोनों ने अपना करियर बाल कलाकार के रूप में ही शुरू किया था। ऋषि ने मेरा नाम जोकर में बालक राजू का रोल करके उस वर्ष का सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का फिल्मफेयर अवार्ड जीता था। दूसरी ओर नीतू सिंह ने बेबी सोनिया नाम से फिल्म दो कलियां में डबल रोल करके खूब नाम कमाया। बाद के दिनों में बेबी सोनिया जब नीतू सिंह बन कर हीरोइन बनीं, तो सबसे पहले उन्होंने फिल्म रिक्शावाला की, जिसके हीरो ऋषि कपूर के बड़े भाई रणधीर कपूर थे।
नीतू की तमन्ना थी कि वे आर.के. फिल्म्स की फिल्म बॉबी में हीरोइन बनें। सच तो यह है कि उनकी मां राजी सिंह ने बेटी को बॉबी की हीरोइन बनवाने की कोशिश भी की, लेकिन बात अंतत: नहीं बन पाई। कारण था राजकपूर को उस रोल के लिए एकदम नए चेहरे की तलाश थी। लेकिन नीतू कई फिल्मों में आ चुकी थीं। दरअसल, नीतू निराश नहीं हुई, क्योंकि उन्होंने आर.के. से जुड़ने का अपने मन में निश्चय कर लिया था। इसीलिए आर.के. की किसी भी फिल्म में काम न करने के बावजूद नीतू आर.के. के प्रिंस ऋषि का न सिर्फ दिल जीतने में कामयाब हुई, बल्कि एक दिन वे आर.के. खानदान की बहू भी बन गई। ऋषि कपूर और नीतू सिंह ने सबसे पहले फिल्म जहरीला इनसान में साथ काम किया, लेकिन इस फिल्म के दौरान दोनों बस को-आर्टिस्ट ही रहे। इससे आगे बात नहीं बढ़ी। हालांकि दोनों के दिलों के तार झनझनाए फिल्म खेल खेल में की शूटिंग के दौरान। इस फिल्म को देखने के बाद लोगों को इस बात का अहसास हो गया कि इनके बीच कुछ-कुछ चल रहा है। उसके बाद दोनों की लगातार कई फिल्में आई, जैसे -रफू चक्कर, दूसरा आदमी, कभी-कभी, अमर अकबर एंथनी, झूठा कहीं का आदि। समय-समय पर ऋषि कपूर का नाम कई हीरोइनों के साथ जरूर जुड़ा, लेकिन नीतू सिंह ही ऋषि कपूर की रिअॅल हीरोइन बनीं। ऋषि कपूर ने सगाई से पहले सार्वजनिक रूप से अपने प्यार को नहीं स्वीकारा, लेकिन नीतू ने कभी अपने प्यार पर पर्दा भी नहीं डाला। शादी से पहले की एक घटना है। आर.के. स्टूडियो में ऋषि का जन्मदिन मनाया जा रहा था। तभी जींस टॉप में सजी नीतू सिंह स्टूडियो में आई और सीधे ऋषि के पास पहुंचकर उन्हें अपनी बांहों में भर लिया। चुंबन लिया और हैपी बर्थडे कह कर वहां उपस्थित सभी लोगों को चौंका दिया।
नीतू सिंह समझदार थीं। वे जानती थीं कि कपूर खानदान के पुरुष कभी भी यह पसंद नहीं करेंगे कि उस खानदान की बहू फिल्मों में काम करे। नीतू और ऋषि की सगाई 1979 के शुरू में हुई थी, लेकिन नीतू ने उससे भी पहले नई फिल्में साइन करनी बंद कर दी थीं। जो फिल्में सेट पर थीं, उनके निर्माता को भी उन्होंने जल्द से जल्द शूटिंग खत्म करने को कह दिया।
जब ऋषि-नीतू की शादी हुई थी, तब भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए किसी ने कहा था कि कपूर प्रेमी तो अच्छे साबित होते हैं, पर पति नहीं, लेकिन ऋषि-नीतू की जोड़ी ने उस बात को झुठला दिया है, क्योंकि अब दोनों सास-ससुर और स्टार हीरो के माता-पिता हैं।
-बच्चन श्रीवास्तव