
10 अक्टूबर जन्मदिन पर विशेष..
मुंबई। महज 12 साल की उम्र से अभिनय कर रहीं सदाबहार अभिनेत्री रेखा शुक्रवार को अपने जीवन के 54 वर्ष पूरे कर लेंगी। बॉलीवुड में 42 साल पूरे कर चुकीं रेखा आज भी अपनी खूबसूरत और आकर्षक आंखों की बदौलत दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाती हैं।
निर्देशक प्रदीप सरकार ने कहा कि अपनी फिल्म परिणीता के गीत कैसी पहेली जिंदगानी.. में रेखा के अलावा मैं किसी और को लेने के बारे में सोच ही नहीं सकता था। जिस खूबसूरती से इस गीत को उन्होंने निभाया था, वह कोई और नहीं कर सकता था। खूबसूरती, ग्लैमर और गुणों की वे मिसाल हैं। अभिनय का यह सफर रेखा के लिए आसान नहीं था। कमजोर पारिवारिक स्थिति ने फिल्मों में अभिनय के लिए उन पर दबाव डाला।
वर्ष 1966 में महज 12 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार उन्होंने तेलुगू फिल्म रंगुला रतनाम से अभिनय की शुरुआत की थी। उनकी पहली हिंदी फिल्म सावन भादो थी। उनका अधिक वजन और हिंदी भाषा की जानकारी का अभाव लोगों को हजम नहीं हुआ और दर्शकों ने उन्हें नकार दिया। इसके बाद उन्होंने कहानी किस्मत की, नमक हराम, रामपुर का लक्ष्मण और प्राण जाए पर वचन ना जाए जसी फिल्में कीं, लेकिन वर्ष 1976 की फिल्म दो अनजाने में उनके अभिनय को सराहा गया। इसके बाद प्रकाश मेहरा की मुकद्दर का सिकंदर भी जबरदस्त सफल रही। उमराव जान के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अपने 42 साल के करियर में उन्होंने अब तक घर, खूबसूरत, सिलसिला, विजेता, उत्सव, खून भरी मांग, जुबेदा, भूत और कृष जैसी तकरीबन 180 फिल्मों में अभिनय किया है।