सुरैया मेरा प्यार थी: देव आनंद

सुरैया मेरा प्यार थी: देव आनंद

मुंबई। रूपहले पर्दे पर कई खूबसूरत अभिनेत्रियों के साथ रोमांस की छटा बिखेर चुके सदाबहार अभिनेता देव आनंद ने स्वीकार किया है कि वास्तविक जीवन में उनका प्यार सुरैया थीं।

सह कलाकार सुरैया से प्रेम की बात देव आनंद ने अपनी आत्मकथा रोमांसिंग विद लाइफ में स्वीकार की है। इसमें उन्होंने सुरैया के बारे में खास तौर पर जिक्र किया है। देव आनंद ने कहा हां मैं सुरैया को चाहता था। मुझे यह तथ्य स्वीकार करने में कोई झिझक नहीं है। उन दिनों जो कुछ हुआ था मैं वह सब कुछ अपनी आत्मकथा में बताना चाहता हूं। यह मेरे जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अध्याय था। उन दिनों मैं युवा था और वह मेरा पहला प्यार थी।

अपने पहले प्यार के बारे में बातें करते हुए सदाबहार अभिनेता की आंखें चमकने लगती हैं। देव आनंद सुरैया के साथ विवाह नहीं कर सके थे। उन्होंने कल्पना कार्तिक को अपनी जीवन संगिनी बना लिया था लेकिन सुरैया ने विवाह नहीं किया। देव आनंद कहते हैं वह बड़ी स्टार थीं और मैं नया था। लेकिन मैं शिक्षित था मेरे अंदर आत्मविश्वास था और मैं जानता था कि मैं कहां जा रहा हूं। उन्होंने कहा यह बात सुरैया के साथ नहीं थी। जो कुछ हुआ वह तकदीर ने लिखा था। अगर मैं उनके साथ विवाह करता तो मेरी जिंदगी आज कुछ और होती। देव आनंद ने कहा उस दौर में मैंने भावनात्मक द्वन्द्व का सामना किया। पहली बार प्रेम किया नाकाम रहा फिर हौसला जुटा कर आगे बढ़ा सफलता असफलता और फिर आज का यह देव आनंद तैयार हुआ। उन्होंने कहा अगर मैं उनसे विवाह करता तो मेरी जिंदगी बिल्कुल अलग होती। मैं वह देव आनंद नहीं होता जो आज हूं। सुरैया आज नहीं हैं लेकिन देव आनंद के पास उनसे जुड़ी कई यादें हैं। उन्होंने बताया एक बार झील में एक गीत की शूटिंग चल रही थी। हम एक नाव पर बैठे थे। अचानक सुरैया फिसल गई और पानी में जा गिरी। मैं तुरंत पानी में कूद गया और उन्हें डूबने से बचा लिया। देव आनंद के अनुसार पहला प्यार एक खूबसूरत अहसास होता है। उन्होंने कहा हम सभी जानते हैं कि जीवन में पहला प्यार क्या मायने रखता है। और फिर उसे न पाने की पीड़ा क्या होती है। उत्साह में उम्मीदें बंधते जाती हैं और जब कुछ नहीं होता तो फिर निराशा होती है।

एक ऐसा भी समय आया जब देव आनंद और सुरैया ने एक दूसरे से अलग होने का फैसला कर लिया था। इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा सब कुछ किताब में है। सुरैया से मेरे संबंधों के बारे में जो कुछ कहा गया सब गलत है। पाठकों को मेरी किताब पढ़ने के बाद ही सच्चाई पता चलेगी। अपने अनुभवों से सबक लेते हुए देव आनंद मानते हैं कि जीवन में भावनाएं महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि यह व्यक्ति को और अधिक परिपक्व बनाती हैं। उन्होंने कहा व्यक्ति शिखर पर पहुंचना चाहता है। इसके लिए वह अपने रास्ते बनाता है। लेकिन बिना बलिदान के सफलता कैसे संभव होगी। एक न एक दिन आपको न चाहते हुए भी उनसे दूर होना ही पड़ेगा जिनको आप बहुत चाहते हैं। आपका दिल टूट जाएगा। लेकिन यह पीड़ा आपको सहनी हीे होगी और इस दुनिया में खुद को आगे बढ़ाना होगा।

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