
जन्मदिन- 3 दिसंबर
जन्मस्थान- गोरखपुर
अभिनय की दुनिया में अपनी प्रतिभा का डंका बजाने की आकांक्षा के साथ जिम्मी शेरगिल ने फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश किया। अपने उद्देश्य में बहुत हद तक वे सफल भी रहे हैं। माचिस, यहां और मुन्नाभाई के साथ उन्होंने एक सधे हुए अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनायी। गुलजार निर्देशित माचिस से जिम्मी शेरगिल का फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश हुआ। माचिस की इंटेंस भूमिका के बाद मोहब्बते में जिम्मी का रोमांटिक अंदाज देखने को मिला। यशराज की इस महत्वाकांक्षी फिल्म में अभिनय का मौका मिलना जिम्मी के लिए बड़ी बात थी। लेकिन कई बड़ी फिल्मों में अभिनय करने के बाद भी वे स्टारडम से दूर ही रहे। कई छोटे बजट की फिल्मों के बाद जिम्मी जिस फिल्म के साथ दोबारा दर्शकों का प्यार पाने में सफल रहें वो थी मुन्नाभाई एमबीबीएस। इस फिल्म में जहीर की छोटी सी भूमिका में ही जिम्मी अपना असर छोड़ने में सफल रहें। लगे रहो मुन्नाभाई और एकलव्य की छोटी भूमिकाओं में भी जिम्मी खूब जंचे। जिम्मी की केंद्रीय भूमिका फिल्मों की संख्या धीरे-धीरे कम होती गयी और वे बड़ी-बड़ी फिल्मों की छोटी-छोटी भूमिकाओं में सिमटते नजर आए। एक अच्छे अभिनेता के रूप में तो जिम्मी खुद को साबित कर पाए, पर स्टार का दर्जा उन्हें नहीं मिल पाया है।
करियर की मुख्य फिल्में
वर्ष फिल्म चरित्र
1996- माचिस- जयमल
1999- जहां तुम ले चलो
2000- मोहब्बतें- करन चौधरी
2001- ये जिंदगी का सफर- जय भारद्वाज
2002- मेरे यार की शादी है- रोहित
2002- दिल है तुम्हारा- समीर
2002- दिल विल प्यार व्यार- रितिक मित्तल
2002- कहता है दिल बार-बार- सुंदर कपूर
2003- मुन्नाभाई एम बी बी एस- जहीर
2004- चरस- देवआनंद
2004- अग्निपंख- सिद्धार्थ सिंह
2005- सिलसिले- तरूण
2005- यहां- कैप्टन अमन
2006- टॉम डिक एंड हैरी- हैरी
2006- रहगुजर- राहुल खन्ना
2006- यूं होता तो क्या होता- हेमंत पुंज
2006- बस एक पल- राहुल खेर
2006- लगे रहो मुन्ना भाई- विक्टर डिसूजा
2007- एकलव्य- उदयवर्द्धन
2007- रकीब- सनी
2007- विक्टोरिया 203- जिम्मी जोसेफ
2007- छोड़ो ना यार- रवि
2007- दस कहानियां- हाई ऑन हाइवे कहानी का हिस्सा
2007- स्ट्रेंजर्स- राहुल
आने वाली फिल्में- बैचलर पार्टी और सहारा वन मोशन पिक्चर्स की मुंबई 11 और बीबीडी।
-सौम्या अपराजिता