
मुंबई। बॉलीवुड फिल्म सावरिया भले ही संगीतकार समीर के भाग्य के लिए काफी मायने रखता हो, लेकिन उनका कहना है कि उनके संगीत के काव्यात्मक होने के बावजूद लोग उन पर गुणवत्ता से समझौता करने का आरोप लगाते हैं।
सावरिया के लिए गीत लिखते समय समीर ने मजरुह सुल्तानपुरी और आनंद बख्शी से प्रेरणा हासिल की थी। समीर ने कहा, ईश्वर की महिमा से सावरिया के गाने अपने काव्यात्मक शैली के लिए सराहे गए। जब आज के गानों में काव्यात्मकता की कमी को लेकर मेरी आलोचना की जाती है तो मैं यह जानना चाहता हूं कि फिल्मकार संजय लीला भंसाली की तरह के रचनात्मक कलाकार कहां जो अपने गानों में कविता की आशा रखते हैं।
मजरूह सुल्तानपुरी और आनंद बख्शी से प्रेरणा हासिल करने के बारे में समीर ने कहा, उनके काम के ढर्रे को देखिए। वे कितने रचनात्मक थे। वे काव्यात्मक होने के बावजूद आम आदमी की पहुंच में थे। यही चीज मैं करना चाहता हूं। यद्यपि मेरी आलोचना होती है।