ब्रिटेन में मची बॉलीवुड की धूम

ब्रिटेन में मची बॉलीवुड की धूम

लंदन। भारतीय फिल्मों के लिए ब्रिटेन एक बड़े बाजार के रूप में उभर रहा है। फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (एफडीए) के अनुसार ब्रिटेन में हिट होने वाली भारतीय फिल्मों के निर्माता लाखों पाउंड कमा रहे हैं।

भारतीय फिल्मों का ब्रिटेन से पुराना नाता है। लेकिन 1970 के दशक के शुरुआती सालों के बाद से भारतीय मूल के लोगों की ब्रिटेन में बढ़ती संख्या के साथ यह रिश्ता भी उसी रफ्तार से बढ़ा हैं। एफडीए के अनुसार 2007 में ब्रिटेन के सिनेमा हॉलों में बॉलीवुड फिल्मों को देखने के लिए पिछले अन्य सालों की अपेक्षा ज्यादा लोग आये। एफडीए के मुख्य कार्यकारी मार्क बाटे के अनुसार ब्रिटेन फिल्म बाजार में बॉलीवुड की हिस्सेदारी बढ़ रही है। यहां हर सप्ताह प्रदर्शित होने वाली शीर्ष 20 फिल्मों से एक भी बॉलीवुड की न हो ऐसा बहुत कम होता है।

उन्होंने फिल्मों से संबंधित लंदन की संस्था इंडिया ईयू फिल्म इनिशिएटिव को बताया कि बॉलीवुड फिल्मों के लिए ब्रिटेन दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन गया है। एफडीए के आंकड़ों के अनुसार 2007 में अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा भारतीय फिल्में ब्रिटेन में प्रदर्शित हुई। बाटे ने कहा कि किसी-किसी सप्ताह तो हिंदी फिल्में शीर्ष 15 में रहती हैं। इसके अलावा पिछले कुछ सालों से ब्रिटेन में और खासतौर पर लंदन में भारतीय फिल्मों की शूटिंग में भी इजाफा हुआ है।

ब्रिटेन यूरोप का सबसे बड़ा और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सिनेमा बाजार है। फिल्म संस्था फिल्म लंदन के अनुसार हर महीने करीब 40 भारतीय फिल्मों की शूटिंग लंदन में होती है। सामान्य रूप से भारतीय फिल्में भारत के साथ ही ब्रिटेन में भी प्रदर्शित होती हैं। बाटे ने कहा कि 2007 की सुपरहिट फिल्म ओम शांति ओम का प्रीमियर लंदन के लीसेस्टर स्क्वेयर में धमाके से हुआ था जिसमें बारिश के बावजूद अनेक फिल्मी सितारे फिल्मनिर्माता और मीडिया के लोग आये। उन्होंने बताया कि लंदन में फिल्मायी गयी जगमोहन मूंदड़ा की फिल्म प्रोवोक्ड का भी प्रीमियर पिछले साल हुआ था। 2007 मे ब्रिटेन में प्रदर्शित होने वाली तीन बड़ी फिल्मों ओम शांति ओम, नमस्ते लंदन और पार्टनर ने कुल मिलाकर 30 लाख पाउंड कमाये। बाटे के मुताबिक 2007 ब्रिटेन के सिनेमा जगत के लिए सुनहरा साल था। भारतीय फिल्मों ने भारी संख्या में दर्शकों को आकर्षित किया। एफडीए की रिपोर्ट बताती है कि ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों से ज्यादा पाकिस्तान मूल के लोग बॉलीवुड फिल्में देखते हैं। रिपोर्ट के अनुसार बॉलीवुड फिल्मों को देखने वालों में 90 प्रतिशत लोग भारत और पाकिस्तान के होते हैं।

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