अपनी यादों को किताब की शक्ल देंगे अनुपम

अपनी यादों को किताब की शक्ल देंगे अनुपम

मुंबई। कम लोग जानते होंगे कि जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर जब शिमला से आकर मुंबई में बसे तो यहां आते ही एक पत्रकार की कलम के कायल हो गए। अनुपम को अफसोस है कि अब ऐसी प्रतिबद्ध और जिम्मेदार पत्रकारिता का लोप हो रहा है

गौरतलब है कि सारांश, डैडी, कर्मा और तेजाब जैसी कई व्यवसायिक और कला फिल्मों में अभिनय के जौहर दिखा चुके अनुपम हमेशा से कहते आए हैं कि यदि वह कलाकार नहीं होते तो अवश्य ही पत्रकार होते। उन्होंने बताया, पिछले साल से मैं सिंडिकेटेड न्यूज सर्विस के साथ मिलकर बॉलीवुड न्यूज सर्विस के लिए लिख रहा हूं। जल्दी ही अपनी यादों को भी किताब की शक्ल देने वाला हूं।

अनुपम ने बताया, बिजीबी नाम से मशहूर इस पत्रकार बेहराम कांट्रेक्टर को पढ़कर मुझे बहुत अच्छा लगा। चीजों का वर्णन जिस तरह से वह करते हैं, वह सचमुच तारीफ के काबिल है। अपने साक्षात्कार में वह लोगों से जुड़ी हर बात का बखूबी वर्णन कर देते हैं। मुझे अफसोस है कि ऐसी पत्रकारिता अब लुप्त हो रही है। मनोरंजन के अन्य तरीकों की तरह साक्षात्कार और कॉलम भी पल भर की खुशी दे जाते हैं।

बुधवार की शाम अनुपम को मौका मिला बिजीबी को श्रद्धांजलि देने का जब उनके लेखों के नए संग्रह बेस्ट ऑफ बिजीबी के कुछ अंश उनकी पत्‍‌नी फरजाना ने अनुपम को पढ़ने को दिए। अनुपम बताते हैं, उन्हें पढ़ना मेरे लिए गर्व की बात है।

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