पशु पक्षियों की आवाज बनेंगे जॉन

पशु पक्षियों की आवाज बनेंगे जॉन

नई दिल्ली। अभिनेता जॉन अब्राहम ने पशु पक्षियों के संरक्षण का जिम्मा उठाया है। वह अब पीपुल फार एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) के वेब पोर्टल पेटाडिसूम डाट काम द्वारा प्रारंभ किये गए एक विज्ञापन अभियान में नजर आऐंगे।

इस विज्ञापन अभियान में जॉन चार मीटर लंबे पंख पहनकर संदेश देंगे कि पक्षियों के लिए देवदूत बनें उन्हें पिंजरे में कैद न करें। वेब के साथ एक साक्षात्कार में जॉन ने कहा कि पशु बोल नहीं सकते इसलिए हमें उनकी आवाज बनना होगा उनके लिए हमें ही आवाज उठानी होगी। हम उनके लिए इतना तो कर ही सकते हैं कि उन्हें आजादी दें।

जॉन ने कहा कि पक्षियों का जन्म ही दूर-दूर तक उड़ने के लिए होता है। उन्हें पिंजरे में कैद करना उनके साथ की जाने वाली क्रूरतम हरकत है। पाकिस्तानी पाप समूह स्ट्रिंग्स के साथ कोई आने वाला है, एल्बम में जॉन पंखों वाले देवदूत का किरदार निभा रहे हैं। यह पेटा और स्ट्रिंग्स का संयुक्त अभियान है।

इससे पहले भी शहरी इलाकों में हाथियों पर प्रतिबंध लगाने और गोवा सरकार से सूअरों को मारने वालों के खिलाफ कदम उठाने की अपील करने में जान पेटा के साथ जुड़े थे। वर्ष 2005 में जॉन एकविज्ञापन में नजर आए थे जिसमें कई पक्षियों को पिंजरे की कैद से मुक्त कर उन्मुक्त आकाश में उड़ते हुए दिखाया गया था।

पेटा की प्रवक्ता सिमरन कोडेसिया ने कहा कि पशु पक्षियों को परेशान न करने का जॉन का संदेश प्रभावी होगा और इस बार ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगा। पशुओं के अधिकारों के बारे में बात करते हुए स्ट्रिंग्स के प्रमुख गायक फैजल कपाडिया ने कहा कि पशु पक्षियों को मारने से धरती का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है। उन्हें भी जीने का उतना ही अधिकार है जितना कि हमें।

पशुओं के संरक्षण के लिए इसी पॉप समूह के गिटारवादक और कंपोजर बिलाल मकसूद भी आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित जानवरों के अवैध व्यापार को शिक्षा के प्रचार प्रसार के माध्यम से ही रोका जा सकता है।

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