
मुंबई। साल 2008 के छह महीने निकल चुके हैं, लेकिन बॉलीवुड अब तक केवल दो हिट फिल्में ही दे पाया है। तीन अरब रुपये से अधिक की लागत में से अब तक आधा ही फिल्म इंडस्ट्री को वापिस मिल पाया है।
पिछले कुछ वर्षो में बॉलीवुड की केवल पांच या छह प्रतिशत फिल्में ही अच्छा व्यवसाय कर पाई हैं। फिल्म निर्माताओं और वितरकों के लिए राहत की बात यह है कि छह महीनों में रिलीज हुई करीब 47 फिल्मों में से कम से कम रेस और जन्नत हिट की श्रेणी में आ पाई हैं।
अब्बास-मस्तान निर्देशित रेस को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत मिली, जबकि मैच फिक्सिंग पर आधारित जन्नत थोड़ी देरी से दर्शकों को रिझाने में कामयाब हुई। केवल 10 करोड़ रुपये की लागत से बनी जन्नत ने 40 करोड़ का व्यवसाय किया।
व्यापार विश्लेषक विनोद मिरानी के अनुसार जोधा अकबर ने विदेशों में अच्छा व्यवसाय किया। यद्यपि, निर्माता को नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसे सफल फिल्मों की श्रेणी में भी नहीं रखा जा सकता।
पिछले साल की भेजा फ्राय की तरह रजत कपूर की इस साल रिलीज हुई फिल्म मिथ्या ने भी अच्छा व्यवसाय किया। इनके अलावा हल्ला बोल, संडे, माई नेम इज एंथनी गोंजलवेस, वन टू थ्री, बाम्बे टू गोवा जैसे कई फिल्में कब आई और गई पता भी नहीं चला। वहीं, टशन, थोड़ा प्यार थोड़ा मैजिक, क्रेजी 4, ब्लैक एंड ह्वाइट, भूतनाथ, यू, मी और हम, सरकार राज और आमिर जैसी फिल्में कुछ हद तक लोगों को पसंद आई। इस शुक्रवार लव स्टोरी 2050 और जाने तू..या जाने ना रिलीज हुई है। देखना है कि ये बॉक्स ऑफिस पर क्या धमाल मचाती हैं।