
नई दिल्ली। पटकथा लेखक से निर्देशक बने अब्बास टायरवाला बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म जाने तू या जाने ना की सफलता का जश्न मना रहे हैं। लेकिन उनकी इस फिल्म की कहानी को चार-चार निर्माताओं ने ठुकरा दिया था।
टायरवाला कहते हैं कि इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि जहां हालीवुड में पटकथा लेखकों को खासी तरजीह दी जाती है, वहीं मुंबई फिल्म उद्योग में लेखक को उतना सम्मान नहीं मिलता।
उल्लेखनीय है कि जाने तू.. के पहले अब्बास मकबूल और मुन्नाभाई एमबीबीएस की पटकथा के जरिए अपना जौहर दिखा चुके हैं। वह कहते हैं कि कारपोरेट घरानों में जो लोग फिल्मों की कहानी से संबंधित फैसले लेने वाले हैं, उन्हें फिल्मों के बारे में कम ही जानकारी होती है। जब तक यह स्थिति रहेगी, अच्छी कहानी वाली फिल्में आनी मुश्किल होंगी।