आशिकी और दिल मेरा स्वर्णिम काल: समीर

आशिकी और दिल मेरा स्वर्णिम काल: समीर

मुंबई। बालीवुड में तीन पीढ़ी के संगीत निर्देशकों के साथ बतौर गीतकार काम कर चुके समीर ने कहा है कि आनंद-मिलिंद और नदीम-श्रवण की जोड़ी के साथ मैंने अपने व्यावसायिक जीवन के स्वर्णिम दिन बिताए।

समीर ने कहा कि संगीत निर्देशक आनंद-मिलिंद और नदीम-श्रवण की जोड़ी का मेरे जीवन में हमेशा खास महत्व रहेगा। दोनों जोडि़यों के साथ काम करने में मुझे काफी मजा आया और मैंने अपने सर्वश्रेष्ठ गीत लिखे।

समीर ने फिल्म बेखबर से बतौर गीतकार बालीवुड में कदम रखा। यह फिल्म वर्ष 1983 में प्रदर्शित हुई थी, लेकिन उनकी पहचान आशिकी फिल्म के गीत नजर के सामने, जिगर के पास और धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना से बनी। फिल्म दिल में उनके द्वारा लिखा गीत ओ पिया पिया भी काफी लोकप्रिय हुआ।

हाल के दिनों में उन्होंने रेस, मेरे बाप पहले आप और मिशन इस्तांबुल जैसी फिल्मों के लिए गीत लिखा है। वे अब तक छह हजार से अधिक गीत लिख चुके हैं और तीन फिल्म फेयर पुरस्कार हासिल किए हैं। समीर ने कहा कि मेरे गीत आज भी लोकप्रिय हो रहे हैं और उसे मान्यता मिल रही है। इसके बावजूद दिल और आशिकी फिल्म में मेरे गीतों को जो लोकप्रियता मिली, वह लम्हा मुझे हमेशा याद रहेगा।

नए संगीतकारों की शैली में आए बदलाव पर उन्होंने कहा कि समय के साथ सभी चीजें बदलती हैं। सभी पीढि़यों की अपनी पसंद और उनका अपना अलग अंदाज होता है। यदि बालीवुड में रहना है तो इन परिवर्तनों को स्वीकार करना होगा।

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