राजनीति के अपराधीकरण पर है हम बाहुबली

राजनीति के अपराधीकरण पर है हम बाहुबली

मुंबई। भोजपुरी फिल्म हम बाहुबली राजनीति के अपराधीकरण को दर्शाती है। लंबे समय तक प्रकाश झा के सहायक रहे अनिल अमिताभ ने इसके निर्देशक हैं। फिल्म की पटकथा दामुल एवं मृत्युदंड के लेखक शैवाल की है। प्रस्तुति और निर्माण के लिहाज से ट्रेड सर्किल में इसे भोजपुरी की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म माना जा रहा है। इस फिल्म के निर्माण के साथ कारपोरेट कंपनी महिंद्रा भी जुड़ी है।

पटना से मिली सूचनाओं के मुताबिक हम बाहुबली के प्रति स्थानीय दर्शकों का उत्साह हिंदी की फिल्मों द्रोण और किडनैप से अधिक है। फिल्म के निर्देशक अनिल अमिताभ नेबताया कि हम बाहुबली भोजपुरी सिनेमा में कुछ नया और स्तरीय फिल्म बनाने का एक प्रयास है। हम लोगों ने उत्तर भारत में तेजी से फैले राजनीति के अपराधीकरण का विषय चुना है और इसे देश की किसी अन्य भाषा के स्तर पर उसे प्रस्तुत किया है। फिल्म के निर्माण में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है। यह भोजपुरी में बनी अब तक की सबसे महंगी फिल्म है। हम बाहुबली ऐसे चरित्रों की कहानी है, जो राजनीतिक लाभ के लिए अपराध का सहारा लेते हैं और फिर उसके कुचक्र से निकल नहीं पाते। इसमें भोजपुरी फिल्मों के लोकप्रिय स्टार रवि किशन और दिनेश लाल निरहुआ ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं।

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