सभी भाषा का सम्मान करते हैं नाना

सभी भाषा का सम्मान करते हैं नाना

इंदौर। महाराष्ट्र के एक सियासी खेमे की भूमिका वाले हिन्दी मराठी मामले पर सीधी टिप्पणी से बचते हुए फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने कहा है कि वह कलाकार होने की वजह से सभी भाषा का सम्मान करते हैं। इंदौर से सटे महू में एक निशानेबाजी मुकाबले में हिस्सा लेने आए पाटेकर ने कहा कि मैं समझता हूं कि एक कलाकार होने के नाते न तो मेरा कोई धर्म है और न ही जाति। क्योंकि सभी तबकों के लोग मुझसे प्यार करते हैं। हिन्दी मराठी मामले पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे या शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे का नाम लिए बगैर कहा कि सियासतदानों की अपनी राय है। उनके बयान पर हम कोई टिप्पणी करते हैं तो उससे विवाद पैदा होते हैं, लेकिन मुझे जो सही लगता है वह मैं करता रहूंगा।

खासतौर पर उग्र तासीर वाले किरदारों की अदायगी के लिए मशहूर पाटेकर ने जोर देकर कहा कि वह सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं। साथ ही मानते हैं कि देश में भाईचारा बढ़ाने के लिए ऐसा किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मैं जन्म से मराठी हूं। महाराष्ट्र में होता हूं, तो मराठी में ही बात करता हूं। अगर आप मुझसे इस वक्त हिन्दी में सवाल कर रहे हैं तो कहीं न कहीं मेरी जिम्मेदारी बन जाती है कि मैं हिन्दी में जवाब दूं।

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