
कुआलालंपुर। फिल्मों में अभूतपूर्व योगदान के लिए बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान को मलेशिया के एक प्रांत ने एक परंपरागत खिताब से क्या नवाजा विपक्षी सांसदों और जनता ने इसकी आलोचना करते हुए कह दिया कि स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। 42 वर्षीय शाहरुख को गवर्नर के अवार्ड के तहत दातुक की उपाधि दी गई जो ब्रिटेन में नाइटहुड के समकक्ष मानी जाती है।
यह उपाधि उन्हें दक्षिणी मलक्का प्रांत ने दी। मलक्का प्रांत केप्रमुख मोहम्मद खलील याकूब के 70वें जन्मदिन पर कई लोगों को यह खिताब दिया गया जिनमें शाहरुख भी एक थे। बहरहाल विपक्षी राजनीतिज्ञों और कई आम लोगों ने इस कदम पर त्यौरियां चढ़ाते हुए राज्य सरकार के निर्णय की आलोचना की और मलक्का के विकास में शाहरुख के योगदान को लेकर सवाल उठाया। द स्टार में आज प्रकाशित एक खबर के अनुसार विपक्ष के नेता और डीएपी पार्टी के सलाहकार लिम किट सियांग ने कहा कि वह मानते हैं कि यह उपाधि इसके हकदार लोगों को दी जानी चाहिए लेकिन स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अखबार में एक व्यवसायी महिला फातिमा ताहिर के हवाले से कहा गया है कि मैं मानती हूं कि अवार्ड उन लोगों को दिया जाना चाहिए जिन्होंने मलक्का के विकास में योगदान दिया है। मुझे ताज्जुब है कि क्या शाहरुख यह भी जानते हैं कि मलक्का कहां है। बहरहाल मलक्का के मुख्यमंत्री मोहम्मद अली ने प्रांत के इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि बॉलीवुड के कलाकार शाहरुख ने अपनी फिल्मों और गीत सीक्वेन्सेज के माध्यम से मलक्का के प्रचार प्रसार में मदद की है।
द स्ट्रेट टाइम्स में प्रकाशित एक खबर में कहा गया है कि विज्ञापनों के माध्यम से मलक्का के प्रचार प्रसार में लाखों का खर्च आएगा लेकिन शाहरुख ने अपनी फिल्मों के माध्यम से दुनिया का ध्यान इस प्रांत की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि शाहरुख की छह फिल्मों के गीतों की शूटिंग मलक्का के विभिन्न स्थानों पर की गई जिनकी खूबसूरती पर्दे पर साफ नजर आती है। वर्ष 2001 में यहां के एक लोकप्रिय रिसार्ट में उनकी एक फिल्म वन टू का फोर की शूटिंग की गई थी। गौरतलब है कि मलेशिया में बॉलीवुड के कलाकार बेहद लोकप्रिय हैं और फिल्म निर्माता भी यहां की खूबसूरत लोकेशनों पर शूटिंग करना पसंद करते हैं।