
मुंबई। बंबई हाई कोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार से वे तथ्य मांगे, जिनके आधार पर फिल्म देशद्रोही पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया।
राज्य सरकार ने पहले उच्च न्यायालय को बताया था कि मुंबई आने वाले उत्तर भारतीयों के मुद्दे पर बनी फिल्म पर प्रतिबंध का फैसला खुफिया रिपोर्ट के बाद लिया गया है। पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने गृह सचिव को लिखा था कि विश्वस्त सूत्रों के अनुसार फिल्म मराठियों और उत्तर भारतीयों की भावनाओं को चोट पहुंचा सकती है। मुख्य न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार और न्यायमूर्ति शरद बोवदे की खंड पीठ ने फिल्म के निर्माता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वे सरकार से जानना चाहते हैं कि आखिर इस खुफिया रिपोर्ट में क्या कहा गया था।
कमाल खान की इस फिल्म को अब तक राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों और गृह विभाग के अधिकारियों ने ही देखा है। इसे महाराष्ट्र को छोड़ कर अन्य राज्यों में प्रदर्शित किया जा चुका है।