संगीत को सब कुछ मानते थे पंचम दा: आशा

संगीत को सब कुछ मानते थे पंचम दा: आशा

मुंबई। आशा भोंसले का कहना है कि उनके दिवंगत संगीतकार पति आऱडी बर्मन सर्वश्रेष्ठ रोमांटिक गीतों को उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर के लिए बचाकर रखा करते थे, ताकि उन गानों के साथ पूरा न्याय हो।

संगीत की दुनिया में पंचम दा के रूप में मशहूर इस संगीतकार की प्रतिबद्घता का जिक्र करते हुए आशा ने कहा, पंचम मुझे ऐसे गीत गाने को देते थे, जिनमें खूब उतार-चढ़ाव हो और जिसमें ऊंची तान की जरूरत पड़े। वह मेरे लिए पिया तू अब तो आजा और आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा जैसे गीतों का चयन करते थे। एक दिन मैंने उनसे पूछ ही लिया कि आखिर वह मुझसे ऐसे गीतों की उम्मीद ही क्यों करते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि अगर तुम ऐसे गीत गाने से इनकार करोगी तो मैं कभी ऐसे गीत तैयार नहीं करूंगा। उनका मानना था कि सिर्फ मैं ही इन गानों के साथ न्याय कर सकती हूं।

आशा ने मुंबई के सांताकू्रज इलाके में आर डी बर्मन की याद में एक सड़क के नामकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में यह कहा। पंचम दा इस इलाके के नार्थ एवेन्यू में रहा करते थे। आशा ने अतीत की यादों में खोते हुए पंचम दा की संगीत विरासत पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि पंचम दा संगीत को अपना सब कुछ मानते थे। वह खाना पकाने के जबर्दस्त शौकीन थे।

लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(0) वोट का औसत

average:0
Saving...
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित