
नई दिल्ली। मनोरंजन जगत में कई प्रमुख गायक-गायिकाओं को गैर फिल्मी एलबमों से दूरी बनाते देख ऐसा कहा जाने लगा है कि अब गैर फिल्मी एलबमों का दौर खत्म होने के कगार पर है।
बुल्ला की जाना गीत से लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचे गायक रब्बी शेरगिल का कहना है कि अब संगीत एलबमों का दौर समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि लोग अब वही देखते हैं जो उन्हें टेलीविजन दिखाता है।
संगीत एलबमों की कम होती लोकप्रियता को देखते हुए शेरगिल ने कहा, मैं सोचता हूं कि अब मुझे फिल्मों का रुख करना चाहिए। इससे पूर्व आशा भोंसले, शान, सोनू निगम और शुभा मुद्गल जैसे बडे़ नाम गैर फिल्मी संगीत एलबमों में नजर आते थे।
टिप्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड के संगीतकार सचिन गुप्ता का कहना है कि लोगों को बॉलीवुड संगीत से अधिक लगाव है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड संगीत के कारण ही गैर फिल्मी एलबमों का बाजार खत्म हो रहा है।
दूसरी ओर कई गीतकार अभी भी गैर फिल्मी एलबमों को अधिक महत्व दे रहे हैं। लोकप्रिय गीतकार प्रसून जोशी का कहना है कि गैर फिल्मी एलबमों में उन्हें अधिक स्वतंत्रता मिलती है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसे एलबमों का बाजार अब पहले जैसा नहीं रहा।