
मुंबई। मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों के भारत आने पर लगी अनौपचारिक रोक से फिल्म अभिनेत्री नंदिता दास दु:खी हैं। नंदिता दास बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म फिराक के प्रोमोशन के लिए दिल्ली में प्रेस काफ्रेंस को संबोधित कर रही थी।
उल्लेखनीय है कि फिराक सांप्रदायिक दंगों केएक महीने के बाद के चौबीस घंटों में घटित घटनाओं को रेखांकित करने वाली फिल्म है। मुंबई में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों के भारत आने पर लगी रोकके संदर्भ में पूछे गये एक सवाल के जवाब में नंदिता ने कहा कि अगर कला आदि के जरिये दो पड़ोसी देश के आवामों के बीच प्रेम भाव और भाईचारे का माहौल बन रहा है तो उस पर रोक लाजिमी नहींकही जा सकती। पिछले दिनों मुंबई में जो कुछ भी हुआ उससे हमारी सुरक्षा व्यवस्था और हमारी इंटेलीजेंट ब्यूरो की सक्रीयता पर प्रश्न चिह्न लगाया जा सकता है। हमारे राजनीतिज्ञों की ढुलमुल नीतियां भी हमारे सामने आयी हैं। फिर उन कलाकारों का क्या कुसूर जो अपने फन से दो देशों के बीच की दूरियों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं? हमारा देश शुरु से कलाकारों को भरपूर सम्मान और पुरस्कृत करने के लिए मशहूर रहा है। मैं स्वयं मेंहदी हसन, गुलाम अली, फरीदा खातून, नुसरत फतह अली खान, अबीदा परवीन की जबरदस्त फैन हूं। क्या उन पर रोक लगाने से हमारे दिल से उन फनकारों के प्रति श्रद्धा और सम्मान कम हो जायेगा? यही नहींपाकिस्तान आवाम भी लताजी, दिलीप साहब, अमिताभ बच्चन जैसे भारतीय कलाकारों की कद्रदान रही है। और फिर आतंकवाद की आग में हमसे ज्यादा बुरी हालत तो पाकिस्तानी आवाम की है। मैं तो यही कहना चाहूंगी कि अगर हम एक दूसरे के घाव पर प्रेम और भाईचारे का मरहम लगा रहे हैं तो हमें अपना काम करने दीजिये।
-राजेश श्रीवास्तव