
मुंबई। स्लमडॉग मिलिनेयर फिल्म पर पैदा हुए विवाद को मीडिया की देन बताते हुए सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने जहां मीडिया को कड़ी फटकार लगायी है वहीं यह आरोप भी लगाया है कि मीडिया हंगामा खड़ा करके तमाशा देखता है।
बिग बी ने काफी तल्ख लहजे में कहा है कि स्लमडॉग मिलिनेयर पर उनके ब्लॉग को पढ़े बिना केवल मीडिया की बातों पर यकीन किया गया जो कि बोफोर्स मामले से लेकर फार्म की जमीन तक केमामले में उनके पीछे हाथ धोकर पड़ा रहा।
उन्होंने मीडिया को कठघरे में खड़ा करते हुए अपने ब्लॉग में कल लिखा है कि मीडिया इस भुलावे में रहता है कि उसने जो लिख दिया वह पत्थर की लकीर है और वह कभी गलत नहंी हो सकता। वह लिखते हैं वह गलत खबर लिखते हैं और हर संभावित माध्यम से इसका प्रचार करते हैं और फिर बैठकर तमाशा देखते हैं। अमिताभ ने आगे लिखा है मीडिया गलत खबर में सुधार या किसी खबर में स्पष्टीकरण देने का कोई प्रयास नहीं करेगा। वह ऐसा कर भी कैसे सकता है। इससे उसकी छवि खराब होगी। इससे उसकी विश्वसनीयता को धक्का लगेगा।
उन्होंने ब्लॉग में स्लमडॉग मिलिनेयर के अभिनेता अनिल कपूर तथा निर्देशक डेनी बोयले से हुई बातचीत का भी उल्लेख किया और बताया है कि किस प्रकार बोयले उनकी फिल्मों के प्रशंसक हैं और उन्होंने अपनी अगली भारत यात्रा में बिग बी से मिलने की इच्छा जाहिर की है और कैसे वह मीडिया द्वारा पैदा किए गए विवाद पर हंसे हैं।
अमिताभ ने कहा मैं अपना ब्लॉग लिखते समय भी महसूस कर सकता हूं कि मुझ पर फिर से हमला करने के लिए कलम की धार को तेज किया जा रहा है। सिर्फ इसलिए नहीं कि मैंने यहां ऐसा लिखा है बल्कि इसलिए कि मीडिया को ऐसा कुछ न कुछ चाहिए होता है जिसे वह बढ़ाचढ़ाकर पेश कर सके। बिग बी ने लिखा है कि कुछ लोगों ने उन्हें और उनके परिवार को सुझाव दिए कि वे प्रेस के साथ अच्छे संबंध बनाएं। लेकिन वह सवाल करते हुए लिखते हैं कोई ऐसा कैसे कर सकता है या किसी को ऐसा क्यों करना चाहिए... क्या इससे इस संस्थान की अपनी ही महानता, निष्पक्षता और सच्चाई को आघात नहीं लगेगा।
वह सवाल करते हैं क्या मैं अपने पक्ष में खबरें छपवाने के लिए उनसे दोस्ती करूं.. वह भी तब जबकि मैं अपनी कमियां जानता हूं। क्या ऐसा करना प्रेस के सर्वाधिक अमूल्य और पवित्र सिद्घांतों के खिलाफ नहीं होगा।
बिग बी लिखते हैं सिरफिरे लोग बिन मांगे बेहद आराम से फैसले जारी कर देते हैं। वह मुझसे कहेंगे यदि आपमें यह सब सहने की क्षमता नहीं है तो आप लोकप्रिय होने के हकदार नहीं हैं। आप, आपका पूरा परिवार और पूरी बिरादरी में यह सब सहने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने लिखा है कि मीडिया में उनके कुछ दोस्त भी हैं लेकिन जो दोस्त नहीं हैं वे यह जानकर और भी आक्रामक हो जाते हैं। अमिताभ लिखते हैं मैंने खुद इसका अनुभव किया है। एकप्रमुख दैनिक के कार्यालय में जाने पर मुझ पर किसी मित्र पत्रकार को खबरें देने और कुछ अन्य के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया गया।
अमिताभ ने मीडिया और उसके साथ दोस्ती को बड़ा गैर तार्किक सा बताते हुए लिखा है कि मीडिया के साथ दोस्ती में ऐसी स्थिति कभी नहीं होगी जहां दोनों पक्ष किसी बिंदु पर मिलते हों जैसा कि अधिकतर संबंधों में होता है। मीडिया और उससे दोस्ती दोनों उत्तर और दक्षिण जैसी बात है। वह लिखते हैं कि यदि मेरी मीडिया से दोस्ती होगी तो मुझे विश्वास और गोपनीयता के अधिकार की रक्षा का फायदा मिलेगा। लेकिन यही तो पेशेवर पत्रकार के लिए जरूरी चीजें हैं। मैं किसी पत्रकार मित्र से अपना ऐसा कोई रहस्य बांट सकता हूं जिसे गुप्त रखा जाना जरूरी हो। लेकिन यदि मेरा पत्रकार मित्र उस सूचना का अपने पेशे के लिए इस्तेमाल नहीं करता है तो वह निसंदेह अपने पेशे की आचार संहिता का ही अपमान कर रहा है। बिग बी इस बहस को आगे बढ़ाते हुए लिखते हैं मैं जानता हूं कि पत्रकार मित्र मेरे प्रति सहानुभूति रखता है और अपने पेशे के प्रति भी ईमानदार है। तो ऐसे में क्या मैं उसे गलत सूचना देना शुरु नहंी कर दूंगा। उन्होंने अंत में लिखा है इस मुद्दे पर बहस का कोई अंत नहीं हो सकता।