
मुंबई। प्रसिद्ध गायिका आशा भोंसले का मानना है कि संगीत कंपनियों का पूरा जोर केवल फिल्मी संगीत पर होता है, जबकि गैर फिल्मी संगीत को भी महत्व मिलना चाहिए।
देवकी पंडित का एलबम सुनो जरा.. जारी करने के बाद शुक्रवार को उन्होंने कहा कि संगीत कंपनियों को नए और युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करना चाहिए, उन्होंने कहा कि फिल्मी संगीत के प्रचार में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं पर गैर फिल्मी संगीत की उपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा किसी म्यूजिक स्टोर में गंभीर कलाकारों के एलबम मिलने मुश्किल हैं, क्योंकि आज के बाजारीकरण के दौर में व्यवसायी जनता को जहर तक बेचने में नहीं हिचकिचाएंगे यदि उन्हें अपना कमीशन मिल जाए तो।
सुनो जरा.. एलबम में दो गीत रूप कुमार राठौड़ ने गाए हैं। नितिन शंकर ने संगीत दिया है, जबकि इसरार अंसारी ने गीत लिखे हैं।