सार्थक भूमिकाओं की तलाश में प्रीति

सार्थक भूमिकाओं की तलाश में प्रीति

नई दिल्ली। बालीवुड की सबसे भरोसेमंद अदाकाराओं में से एक प्रीति जिंटा अब विदेश जैसी फिल्म के जरिए अपनी बबली हीरोइन की इमेज से बाहर आने के लिए भरसक प्रयास कर रही हैं।

दीपा मेहता की इस फिल्म में प्रीति एक प्रवासी महिला का किरदार निभा रही हैं, जो वैवाहिक जीवन के दु‌र्व्यवहार से सदमे में आ जाती है और अध्यात्म और कल्पनाशीलता से किसी तरह सदमे से बाहर निकलती है।

प्रीति ने बताया कि, मैं अपने करियर के ऐसे मुकाम पर पहुंच गई हूं जहां मैं ऐसी फिल्में कर सकती हूं। कमर्शियल फिल्मों में मेरा विकास नजर नहीं आता। प्रीति ने कहा कि वह कमर्शियल फिल्मों में काम करना जारी रखेगी, लेकिन निकट भविष्य में बौद्धिक और सार्थक भूमिकाएं भी तलाशेंगी। उन्होंने कहा कि आज की कमर्शियल हिट फिल्मों के लिए लोग आपको एक या दो साल तक याद रखते हैं, लेकिन जब मैं बूढ़ी हो जाऊंगी या जीवित नहीं रहूंगी, तब मुझे किन फिल्मों के लिए जाना जाएगा। मुझे ऐसा काम चाहिए जो मेरे भीतर के कलाकार को प्रेरित करे और मेरी कला को निखारने में मदद करे।

प्रीति जिंटा ने अपनी कमर्शियल सफलता के प्रति आभार भी व्यक्त किया जिसने उन्हें फिल्में चुनने के लिए ऐसे अवसर दिए जो उन्हें प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि अब मैं अपने जीवन के एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई हूं, जहां मैं वित्तीय रूप से बेहद सुरक्षित हूं और मैं विभिन्न दिशाओं में अपनी उड़ान के लिए अपने पंख फैला रही हूं। मुझे ऐसी फिल्में चुनने की आजादी है जो मुझे सुबह उठने और काम पर जाने के लिए प्रेरित करती हैं।

दीपा मेहता निर्देशित फिल्म विदेश भारत में इस शुक्रवार रिलीज हो रही है। यह फिल्म शिकागो फिल्म फेस्टिवल में बेहतरीन अभिनेत्री के लिए प्रीति को उनका पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब भी दिला चुकी है। फिल्म के कथानक का तानाबाना कनाडा में पहली पीढ़ी के प्रवासियों के जीवन पर बुना गया है जो एक विदेशी मुल्क में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हैं। फिल्म की पूरी कहानी एक पंजाबी लड़की चांद के इर्दगिर्द घूमती है। चंाद धर्म और कल्पनाशीलता की ताकत का इस्तेमाल अपने साथ होने वाले वैवाहिक दु‌र्व्यवहार के खिलाफ करती है।

शाहरूख खान के साथ फिल्म दिल से में एक छोटे से किरदार के जरिए अपने करियर की शुरूआत करने वाली 31 वर्षीय अभिनेत्री प्रीति का कहना है कि उन्होंने अपनी फिल्मों में कभी भी झटका हीरोइन जैसी भूमिकाएं नहीं की। जिंटा ने कहा कि कमर्शियल फिल्मों में भी मैंने अलग अलग तरह के किरदार चुनने की कोशिश की। मैं कभी भी झटका हीरोइन के रूप में नहीं आई।

दीपा मेहता निर्देशित फिल्म विदेश में अपने किरदार के बारे में प्रीति ने बताया कि यह फिल्म दु‌र्व्यवहार, आव्रजन और कल्पनाशीलता की ताकत के बारे में है। यह फिल्म आशा के बारे में है। फिल्म में चांद, मेरे लिए कोई पीडि़त नहीं है। वह वापसी करके लड़ने का फैसला करती है और अपने भीतर से ही ऐसा करने के लिए ताकत पाती है। निर्देशक दीपा मेहता के जेहन में यह फिल्म एक डाक्यूमेंट्री बनाने के बाद उभरी, जिसमें परदेस में रिश्तों में दु‌र्व्यवहार दिखाया गया था। मेहता ने इसके बाद गिरीश कर्नाड के प्रसिद्ध नाटक नागमंडला के पौराणिक दृष्टिकोण को मिलाकर विदेश को मूर्त रूप दिया।

लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(4) वोट का औसत

average:4.75
Saving...
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित