
मुंबई। दुनिया में बिग बी के चाहने वालों की बहुत लंबी फेहरिस्त है और हर कोई उनकी एक झलक पाने को बेताब रहता है, लेकिन सभी की इच्छा पूरी नहंी हो पाती। पिछले दिनों कैंसर से पीडि़त एक किशोर बालक ने अमिताभ से मिलने की इच्छा जाहिर की और बिग बी खुद उससे मिलने गए। इन दिनों बांद्रा के माउंट मैरी रोड स्थित वेदना सदन में प्रमोद की देखभाल की जा रही है। जब अमिताभ को किसी के जरिए यह पता चला कि कैंसर से पीडि़त प्रमोद की बीमारी अंतिम चरण में पहुंची चुकी है और उसकी अंतिम इच्छा है कि वह जीते जी एक बार अमिताभ को देख पाए ,तो बिग बी इस कदर भावुक हो उठे कि खुद उस बच्चे से मिलने जा पहुंचे।
बिग बी ने अपने ब्लाग में लिखा है कि मुझे देखकर उसके चेहरे पर जो हैरानी और अविश्वसनीयता का मिलाजुला भाव था, उसकी व्याख्या करना मुश्किल है। उसे यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि मैं उसके सामने हूं। प्रमोद के शरीर का आधा हिस्सा अजीब तरीके से सूजा हुआ था और उसने किसी प्रकार अपनी नम आंखों को पोंछा और केवल इतना कह पाया थैंक्यू। बिग बी ने लिखा है कि किसी को इस प्रकार उसके अंतिम क्षणों में देखने के लिए बेहद हिम्मत की जरूरत होती है। इस पीड़ा से गुजर रहे इंसान को जितनी ताकत चाहिए, उससे कहीं अधिक ताकत उसका सामना करने के लिए चाहिए होती है।
जब बिग बी ने प्रमोद से पूछा कि उसे अपनी जिंदगी में कोई पछतावा है तो उसने कहा कि उसे दो बातों का पछतावा है। एक , वह बाहर जाकर अन्य बच्चों के साथ खेलना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं कर सका। दूसरा कारण किसी की भी आंख में आंसू लाने के लिए काफी था। प्रमोद ने कहा कि उसे इस बात का पछतावा है कि वह अपने पिता की देखभाल नहीं कर सका जैसा कि भारत में परंपरा अनुसार हर युवक की इच्छा होती है और जो उसे उसके जीवन मूल्यों में सिखाया जाता है। बिग बी अपनी भावनाओं पर काबू पाने के लिए प्रमोद के कक्ष से तुरंत बाहर निकल आए। बाहर कारिडोर में ऐसे अन्य मरीजों ने उन्हें घेर लिया। अमिताभ लिखते हैं कि उन्होंने सम्मान जताने के लिए मेरा हाथ पकड़ा और सम्मान में अपने सिर झुका दिए। मुझे अपने बीच पाने की खुशी उनकी आंखों से झलक रही थी। ए हमारी पहली और आखिरी मुलाकात थी। वह लिखते हैं कि हम क्या कर सकते हैं। ऐसे क्षणों में इंसान क्या कर सकता है.. कुछ नहीं और यही पीड़ादाई है।