प्रकाश मेहरा के अंतिम संस्कार में बच्चन पहुंचे

प्रकाश मेहरा के अंतिम संस्कार में बच्चन पहुंचे

मुंबई। प्रसिद्ध फिल्मकार प्रकाश मेहरा का अंतिम संस्कार दोपहर तीन बजे ओशिवारा स्थित श्मशान स्थल पर किया गया। रविवार की सुबह उनका निधन हो गया था। वे सत्तर वर्ष के थे। उनके बड़े बेटे सुमित के अमेरिका में होने के कारण रविवार को उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। पिता के देहांत की खबर मिलने के बाद आज सुबह वे मुंबई लौटे। दोपहर दो बजे प्रकाश मेहरा के जुहू स्थित निवास स्थान से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। सुमित ने दोनों भाइयों अमित और पुनीत के साथ मंत्रोंचार के बीच पिता को मुखागिन दी। इस मौके पर यश चोपड़ा, संजय खान, सलीम खान, रमेश सिप्पी, कल्याण जी, बप्पी लाहिरी, मधुर भंडारकर,रंजीत और भरत शाह सहित फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद थीं। बेटों द्वारा प्रकाश मेहरा को मुखागिन देने के ठीक पहले अमिताभ बच्चन अपने बेटे अभिषेक बच्चन के साथ श्मशान घाट पहुंचकर हर तरह की आश्ाकाओं पर पूर्णविराम लगा दिया। संगीतकार बप्पी लाहिरी ने प्रकाश मेहरा की मृत्यु पर शोक प्रकट करते हुए कहा, प्रकाश जी से मेरा आत्मा का संबंध था। वे मेरे बड़े भाई समान थे। यदि मैं लंदन में होता था और वे मुझे फोन करते थे तो मैं भागकर आ जाता था। उनके साथ फिल्म शराबी में काम करते हुए मैंने पाया कि वे संगीत के पारखी थे। उनकी फिल्मों जंजीर, मुकद्दर का सिकंदर, शराबी, नमक हलाल का संगीत आज भी लोग चाव से सुनते हैं। उनका संगीत हमेशा अमर रहेगा। उन्हें हम कभी भूल नहीं पाएंगे। संगीतकार आनंद जी ने कहा, प्रकाश मेहरा हमारे बीच नहीं रहे तो क्या हुआ? उनका काम और उनकी यादें हमारे बीच हमेशा रहेंगी। मैं दो दिन पहले उनसे मिलने अस्पताल में गया था। वे बोल नहीं पा रहे थे। उन्होंने इशारों में कहा कि वे जल्द ही ठीक होकर घर लौट जाएंगे। वे बहुत भावुक और समर्पित इंसान थे। पिछले कुछ वर्षो से वे शांत रहते थे।

युवा फिल्मकार मधुर भंडारकर प्रकाश मेहरा की मृत्यु को फिल्म जगत की बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा, प्रकाश जी की फिल्मों में ड्रामा, कंटेंट और गीत-संगीत का उम्दा मिश्रण होता था। वे एक्शन, कॉमेडी और रोमांटिक हर विधा की फिल्म बनाने में निपुण थे। हिंदी सिनेमा में उनका योगदान सराहनीय है। चांदनी बार फिल्म के प्रदर्शन के बाद मेरी उनसे मुलाकात हुई थी। उन्होंने मेरे काम की सराहना की थी। मैं बचपन में उनकी फिल्म नमक हलाल के सेट पर अक्सर जाता था। मेरे जेहन में वे और उनकी फिल्में हमेशा रहेंगी।

-रघुवेन्द्र सिंह

लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(3) वोट का औसत

average:3.666666
Saving...
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित