
नई दिल्ली। मंगेशकर परिवार मशहूर गायक के.एल. सहगल को इतना मान-सम्मान देता था कि उनके घर में केवल सहगल साहब के ही गीत गाने की इजाजत थी। और तो और सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने जवानी के दिनों में उनसे शादी करने का ख्वाब तक देखा था। नसीर मुन्नी कबीर द्वारा लिखी गई किताब लता मंगेशकर इन हर ओन व्वाइस में यह खुलासा किया गया है। इस किताब में लता के हवाले से उनसे जुड़ी कई दिलचस्प बातें बताई गई हैं।
किताब में बताया गया है कि बचपन से ही लता जी सहगल साहब से मिलने की ख्वाहिश रखती थीं। थोड़ी बड़ी होने पर वह कहा करती थीं कि जब मैं बड़ी हो जाऊंगी तो सहगल साहब से ही शादी करूंगी। इस पर उनके पिता मजाक में कहा करते थे- जब तक तुम बड़ी होगी सहगल साहब बूढ़े हो चुके होंगे। इस पर लता जी कहती थीं- कोई बात नहीं मैं तब भी उनसे शादी करूंगी। लेकिन असल में लता कभी सहगल साहब से मिल भी नहीं पाई। हालांकि उनके भाई महेंद्र सहगल ने लता जी को सहगल साहब की पत्नी आशा रानी और उनके बच्चों से जरूर मिलवाया। इस मुलाकात में सहगल साहब के बेटे ने पिता की एक अंगूठी लता को भेंट की थी।
सहगल से जुड़े लता के संस्मरण बताते हुए कबीर ने लिखा है कि बाबा [लता जी के पिता] को हमेशा सहगल साहब के गीत पसंद आते थे। लता कहती हैं कि घर पर मैं हमेशा उनके गीत ही गाती थी। खास कर प्रेसीडेंट फिल्म का वह गीत एक बंगला बने न्यारा..। मुझे घर में किसी और के फिल्मी गीत गाने की इजाजत भी नहीं थी। उन्होंने बताया कि हमारा परिवार केवल शास्त्रीय संगीत को ही तवज्जो देता था। मेरे पापा काफी सख्त थे, उन्हें हमारा मेकअप करना या पाउडर लगाना तक पसंद नहीं था। हम क्या पहन रहे हैं इन सब बातों पर भी ध्यान दिया जाता था। हमें देर रात नाटक देखने जाने की भी इजाजत नहीं थी।