फिर दर्शकों के बीच पैठ बनाएंगी एकता

फिर दर्शकों के बीच पैठ बनाएंगी एकता

नई दिल्ली। छोटे पर्दे पर कई साल तक सिक्का जमाए रखने वाली एकता कपूर सास-बहू की गाथा वाले धारावाहिकों से दर्शकों के ऊबने के बाद अपने टीवी कंटेंट में बदलाव की योजना पर काम कर रहीं हैं।

कल सात जून को अपनी 34वीं वर्षगांठ मनाने जा रहीं एकता फिर से भारतीय दर्शकों के बीच अपनी पैंठ बनाने के लिए कुछ नया करने की योजना पर काम कर रहीं हैं।

बालाजी टेलीफिल्म्स की क्रिएटिव टीम की कमान शुरू से ही अभिनेता जितेंद्र की लाड़ली एकता ने संभाली और उन्होंने कदम दर कदम सफलता हासिल करते हुए करीब आठ साल तक छोटे पर्दे की महारानी की तरह एकछत्र राज किया।

लेकिन साल दर साल एक ही तरह के धारावाहिकों से दर्शकों के ऊबने और स्टार प्लस से करार खत्म होने के बाद एकता शैली के धारावाहिकों की लोकप्रियता में कमी आने लगी। उनका धारावाहिक कहानी हमारे महाभारत की भी दर्शकों ने खास पसंद नहीं किया। बालाजी टेलीफिल्म्स के सूत्रों के अनुसार यह प्रोडक्शन हाउस अब मानवीय और सामाजिक मुद्दों पर आधारित धारावाहिकों पर भी ध्यान दे रहा है, जिनमें चकाचौंध नहीं बल्कि वास्तविकता दिखाई देगी।

सूत्रों के अनुसार बालाजी टेलीफिल्म्स आने वाले समय में नई थीम पर कुछ धारावाहिक और रियलिटी शो भी लांच करने जा रहा है। मंदी के दौर ने टीवी जगत को भी नुकसान पहुंचाया है और छोटे पर्दे पर व्यापक उतार चढ़ाव देखे गए हैं। इसके बाद आईपीएल, चुनाव के खत्म होते ही कई चैनलों ने फिर से प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए नए धारावाहिक शुरू किए हैं। जाहिर है कि एक समय टीवी की मलिका रहीं एकता भी इस प्रतिस्पर्धा में फिर से आगे रहना चाहेंगी।

एकता कपूर वर्ष 2000 से शुरू हुए धारावाहिक क्योंकि सास भी कभी बहू थी से लोकप्रियता के शिखर पर पहुंची थीं। उनके इसी किस्म के धारावाहिकों ने कई साल तक टीवी दर्शकों पर जादू किया, लेकिन स्टार प्लस पर क्योंकि. का प्रसारण बंद होने के साथ ही एकता के सास-बहू शैली के धारावाहिकों का दौर खत्म हो गया। एनडीटीवी इमेजिन पर प्रसारित बालाजी का धारावाहिक बंदिनी इसका उदाहरण है, जो रूढ़ सामाजिक रीतियों पर आधारित सीरियल है। धारावाहिक के क्रिएटिव निर्देशक संदीप सिकंद के अनुसार यह धारावाहिक दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है, जो पूरी टीम के प्रयासों का फल है।

इसके अलावा न्यूमरोलोजी के आधार पर अपने हर धारावाहिक का नाम अंग्रेजी के अक्षर के से शुरू करने वाली एकता ने इस सोच को भी बदल दिया है और यह बात उनके हालिया कुछ धारावाहिकों के नाम से साबित होती है, जिसमें बंदिनी भी है।

एकता के इस सफर में कई करीबियों से उनके मनमुटाव की खबरें भी आती रहीं हैं। बहरहाल उनके करीबी कहते हैं कि एकता के पेशेवर रिश्ते अलग हैं और निजी अलग। एकता कपूर की विश्वस्त सहयोगी रहीं निवेदिता बसु ने बालाजी के क्रिएटिव हैड के तौर पर नौ साल तक उनका साथ देने के बाद कुछ माह पहले उनसे नाता तोड़ लिया था, लेकिन उनकी दोस्ती अभी भी बरकरार है। निवेदिता ने कहा, एकता से पेशेवर तौर पर अलग होने के बाद भी हमारे बीच अच्छी दोस्ती है।

इसी तरह से क्योंकि.. की तुलसी यानी स्मृति ईरानी भी कई साल तक एकता के साथ रहीं और कुछ समय पहले दोनों के बीच पेशेवर मतभेद की खबरें थीं। एकता के साथ फिर से काम करने के सवाल पर स्मृति ने केवल इतना कहा, यह एकता पर निर्भर करता है।

एकता कपूर के विवाह की अटकलें भी समय-समय पर आती रहती हैं लेकिन खबरों के मुताबिक हाल ही में उनके अभिनेता भाई तुषार कपूर ने इस बात की पुष्टि की है कि एकता इस साल शादी नहीं कर रहीं हैं।

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