नाती-नातिन को लेकर चिंतित है बिग बी

नाती-नातिन को लेकर चिंतित है बिग बी

नई दिल्ली। मेगास्टार अमिताभ बच्चन को नाना बने काफी समय हो गया है लेकिन अब भी उन्हें भारत के घर-घर के बुजुर्गों की तरह अपने इन नौनिहालों को तरह-तरह के जंक फूड से होने वाले नुकसान की चिंता सताती है।

अमिताभ ने अपने ब्लाग में लिखा है कि वह जब भी थोड़े दिनों के अंतराल के बाद अपने नाती अगस्त्य और नातिन नव्या को देखते हैं, तो उन्हें वे पहले से अधिक लंबे और दुबले नजर आते हैं। इसके बाद उन्हें फिक्र होने लगती है कि अगस्त्य और नव्या पोषक आहार नहीं खाते बल्कि जंक फूड खाते हैं, उनकी ठीक तरह से देखभाल नहीं होती है और वह खुद भी अपना ध्यान नहीं रखते हैं। हालांकि बिग बी मानते हैं कि ऐसी चिंता हर घर में होती है और वह औरों से अलग नहीं हैं।

अपने नाती नातिन के साथ समय गुजरना अमिताभ को सबसे अच्छा लगता है। उन्होंने लिखा है, उनके साथ समय बिताने का मतलब है शुरू से पूरा जीवन व्यतीत करना। उनसे कई तरह की बातें होती हैं, उन्हें अच्छी बातें सिखाई जाती हैं और भी न जाने क्या क्या..सब कुछ दिलचस्प।

बच्चों के मुंह से नाना.. सुन कर अमिताभ को मानो सारी दुनिया की खुशी मिल जाती है।

तीन पत्ती फिल्म की शूटिंग के लिए मुंबई से लंदन गए अमिताभ को जेट एअरवेज की नौ घंटे की उड़ान आरामदायक महसूस हुई।

बिग बी ने जेट एअरवेज की सेवाओं की सराहना करते हुए लिखा है कि नौ घंटे की यह उड़ान जितनी आरामदायक बनाई जा सकती थी, बनाई गई।

इसे देश के गौरव से जोड़ते हुए उन्होंने लिखा है एक अहसास होता है..भारतीय। जब हम अपने देश की सेवा इस्तेमाल करते हैं तो भले ही उसमें अन्य देशों की सेवाओं की तरह कोई खामी हो, लेकिन इससे हमारे देश का गौरव जुड़े होने की भावना समाहित होती है। घर से हजारों मील दूर रह कर भी आपको लगता है कि आप घर से दूर नहीं हैं।

बिग बी को केवल अपने नाती नातिन और देश के गौरव की ही फिक्र नहीं है बल्कि लगता है कि देश के तमाम नौनिहालों की शिक्षा भी उनकी चिंता का विषय है।

लंदन के प्रख्यात शिक्षण संस्थान कैम्ब्रिज में पहुंचकर उन्हें अपने देश के शिक्षण संस्थानों की याद आती है। उन्होंने लिखा है कि तकनीकी तौर पर ज्ञान एक जैसा ही होता है चाहे वह किंग्स कालेज में दिया जाए या पाठशाला में। फिर स्थान और नाम का वर्गीकरण क्यों होना चाहिए।

बिग बी ने सवाल उठाया है, हम ऐसा क्यों कहते हैं कि अमुक शिक्षण संस्थान फलां शिक्षण संस्थान से बेहतर है।उन्होंने लिखा है कि दुनिया समानता, आजादी, सहिष्णुता और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की बात करती है। ऐसे में ज्ञान वितरण का वर्गीकरण नहीं किया जा सकता।

बिग बी ने लिखा है, क्या हम जानबूझकर अपने देश को अशिक्षित रख रहे हैं ताकि हमारे लोग कभी लोकतंत्र या निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव का मतलब न समझ सकें।

ईश्वर के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए बॉलीवुड शहंशाह ने लिखा है, जब हम वह करते हैं जो हम कर सकते हैं। भगवान वह करेगा जो हम नहीं कर सकते। वह जो अपने आप में फर्क कर सकता है, वह दूसरों का अच्छा निर्णायक होता है।

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