
नई दिल्ली। इन दिनों विंबल्डन चल रहा है। टेनिस के दीवाने इसका भरपूर लुत्फ ले रहे हैं, लेकिन अमिताभ बच्चन को यह बीते दिनों की याद दिला रहा है।
बिग बी ने अपने ब्लाग में लिखा है, जब मैं विंबल्डन देखता हूं तो मुझे पुराने दिन याद आ जाते हैं। मैं उन दिनों की बात कर रहा हूं जब स्कूली शिक्षा के बाद टेनिस की तरफ मेरा झुकाव काफी बढ़ गया था। मैं टेनिस को काफी गंभीरता से ले रहा था। शेरवुड में अंतिम वर्ष की परीक्षा नवंबर में खत्म हो गई थी और यूनिवर्सिटी में एडमिशन अगले साल जून-जुलाई से शुरू होने थे। छह महीने के इस अंतराल में हम में से अधिकतर विद्यार्थी यह तय नहीं कर पा रहे थे कि उन्हें क्या करना है। मेरी मां मुझे एक क्लब में टेनिस खेलते देखती थीं जहां मुझे मेरा एक मित्र ले गया। वहां मुझे अपने अंदर एक खिलाड़ी होने का अहसास होने लगा।
बिग बी ने आगे का किस्सा बताया है, मुझे राजकुमारी अमृत कौर कोचिंग स्कीम के तहत एनएससीआई स्टेडियम, नई दिल्ली में प्रवेश मिल गया। मैं जल्द ही बिगनर श्रेणी से सी और फिर बी कोर्ट में पहुंच गया। ए कोर्ट में पहुंचने के लिए कुछ हफ्ते और लगने थे, लेकिन यूनिवर्सिटी खुलने और कालेज शुरू होने के साथ ही मैंने टेनिस छोड़ दी।
बिग बी ने यह भी बताया हे कि जब भी कोई खिलाड़ी सर्विस गंवा बैठता या ग्राउंड स्ट्रोक में कोई गलती करता तो उसे टेनिस रैकेट उठाए, दोनों हाथ ऊपर कर स्टेडियम में चार सौ मीटर लंबे ट्रैक के दस चक्कर लगाने पड़ते थे।
अमिताभ ने लिखा है कि विंबल्डन देखना उनकी आदतों में शुमार हो गया है। उन्होंने लिखा है, इसमें ऐसा क्या है, यह मैं भी नहीं जानता। लेकिन इस खेल की जीवंतता, माहौल, ब्रिटिश तौर तरीकों और आयोजन की परंपरा की बात ही कुछ और है।